Rush in roadways buses on rakshabandhan
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मुरादाबाद। त्योहार के कारण रोडवेज की बसें यात्रियों से भरी रहीं। बसों में सीट पाने के लिए ऐसी आपाधापी रही कि 2 गज की दूरी जैसे नियम धरे के धरे रह गए। सार्वजनिक वाहनों में सफर करने वाले लोगों ने मास्क, सोशल डिस्टेंसिंग जैसे एहतियातों का पालन करना जरूरी नहीं समझा। वहीं दूसरी ओर बस अड्डों पर भी यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग नहीं की गई।
बिना थर्मल स्क्रीनिंग के ही लोगों ने बसों में सफर किया। एक चक्कर लगाने के बाद डिपो में लौटी बसों को सैनिटाइज भी नहीं किया गया। ऐसे में यदि एक व्यक्ति भी कोरोना संक्रमित हुआ तो वह कई व्यक्तियों को संक्रमित कर सकता है। रक्षाबंधन पर रिश्तेदारों के यहां जाने के लिए सुबह से ही लोगों की भीड़ बस अड्डों पर दिखाई दी। पिछले कई दिनों से यात्रियों की कमी से जूझ रहे रोडवेज ने सोमवार को राहत की सांस ली। त्योहार के कारण रोडवेज के यात्रियों की संख्या में बढ़ोत्तरी हुई। महिलाओं को साधारण बसों के साथ जनरथ (एसी डीलक्स) बसों में भी मुफ्त यात्रा की सुविधा दी गई। सुबह से शाम तक रोडवेज की बसें यात्रियों से भरी रहीं। यात्रियों की संख्या को देखते हुए मुरादाबाद के दोनों डिपो से 277 बसें चलाई गईं। इन बसों में 43 हजार यात्रियों ने सफर किया। जबकि मुरादाबाद रीजन के सातों डिपो से कुल 520 बसों का संचालन किया गया। जिनमें एक लाख यात्रियों ने सफर किया। हालांकि पिछले साल रीजन की बसों में एक लाख 70 हजार यात्रियों ने सफर किया था। जिससे रोडवेज को एक दिन में एक करोड़ रुपये की आय अर्जित हुई थी। इस बार आय का यह आंकड़ा 70 लाख रुपये तक ही सीमित रहा।
- प्रदेश के सभी जनपदों के लिए बसों का संचालन किया जा रहा है। त्योहार के कारण यात्रियों की संख्या में कुछ इजाफा हुआ है। हालांकि पिछले वर्षों की तुलना में यह संख्या आधी है। कोरोना के कारण आय में काफी कमी आई है। - अतुल जैन, क्षेत्रीय प्रबंधक मुरादाबाद।