शिकायत पर कुंदरकी पुलिस की ओर से जत्थे में शामिल डीजे को जब्त करने पर इमरतपुर गांव के कांवड़िए भड़क गए। कांवड़ियों ने हाईवे पर जाम लगाकर नारेबाजी, जिससे तीन घंटे तक हंगामे की स्थिति बनी रही। बाद में पुलिस ने हंगामा कर रहे 12 युवकों को हिरासत में लेकर थाने भेज दिया।
कुंदरकी थाना क्षेत्र के ग्राम इमरतपुर सिरसी के कांवड़ियों का जत्था हरिद्वार से गंगाजल लेकर लौट था। मंगलवार शाम कांवड़ियों के जत्थे में डीजे शामिल था। यह जत्था गांव के निर्धारित मार्ग पर होता हुआ चामुंडा देवी स्थल पर पहुंचता है। गांव के दूसरे वर्ग के कुछ लोगों ने थाने में जाकर शिकायत कर दी कि कांवड़ियों का जो जत्था गांव आ रहा है उसमें डीजे लगाना नई परंपरा है। इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए थानाध्यक्ष धीरज सिंह पुलिस बल के साथ नगर में ही डा. अंबेडकर पार्क के पास पहुंचे और उन्होंने इमतरपुर सिरसी के कांवड़ियों के जत्थे को रोक दिया। थानाध्यक्ष ने कांवड़ियों से डीजे हटाने को कहा तो वह कहने लगे कि पहले से ही डीजे के साथ जत्था गांव पहुंचता है लेकिन पुलिस इस बात से सहमत नहीं हुई।
थानाध्यक्ष ने ट्रैक्टर-ट्राली समेत डीजे को जब्त कर थाने भिजवा दिया, जिस पर कांवड़िए भड़क गए और उन्होंने हाईवे पर जाम लगाते हुए नारेबाजी शुरू कर दी। पुलिस ने समझाने के बाद वह हाईवे से नहीं हटे और कांवड़ियों ने मांग की कि वह डीजे के साथ ही अपने गांव जाएंगे। इस दौरान पुलिस से नोकझोंक भी हुई। सूचना पर एसडीएम रामप्रकाश और सीओ राजेश कुमार ने कांवड़ियों से डीजे का अनुमति पत्र मांगा। उनकी अनुमति से संबंधित प्रार्थना पत्र दिखाया, जिसमें पुलिस की रिपोर्ट नहीं थी। करीब तीन घंटे बीतने के बाद भी कोई हल नहीं निकला।
बाद में कांवड़ियों ने फिर से हाईवे पर जाम लगाया तो कुंदरकी-बिलारी पुलिस के साथ रैपिड रेस्पांस फोर्स (आरआरएफ) एक्शन में आ गई और हंगामा करने के वाले 10-12 युवकों को हिरासत में लेकर थाने भेज दिया। पुलिस कार्रवाई के बाद पुलिस की सुरक्षा में कांवड़ियों के जत्थे को ग्राम इमरतपुर सिरसी तक पहुंचाया गया।