मुरादाबाद। शैक्षिक सत्र शुरू होने के डेढ़ माह बाद भी निजी स्कूलों में आरटीई के तहत 1266 बच्चों के दाखिले नहीं हो सके हैं। डीएम ने समीक्षा बैठक में सभी बच्चों के दाखिले सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
शासन ने इस बार पिछले वर्ष एक दिसंबर से आरटीई के तहत दाखिला के लिए पंजीकरण शुरू करवाए थे। इसके अलावा सभी दाखिला 31 मार्च तक करने के निर्देश दिए गए थे, ताकि जब नए शैक्षिक सत्र में एक अप्रैल को विद्यालय खुलें तो बच्चे स्कूल जा सकें और उनकी पढ़ाई प्रभावित न हो सके। इसके लिए मुरादाबाद जनपद में आरटीई के चार चरणों में 5712 विद्यार्थियों को स्कूल आवंटित हुए थे।
अब तक 4446 विद्यार्थियों के दाखिला हो चुके हैं, जबकि 1266 अभी ऐसे बच्चे हैं, जिनका दाखिला नहीं हुआ है। अधिकारियों का कहना है कि इनमें 661 बच्चों के अभिभावकों ने दाखिला के लिए स्कूलों से संपर्क ही नहीं किया है। इसके अलावा 169 अभिभावकों ने दाखिला करवाने से इन्कार कर दिया। 87 अभिभावकों ने पहले संपर्क किया, लेकिन दोबारा दाखिला करवाने नहीं आए। वहीं, 160 ऐसे बच्चे थे, जिनके पते में अंतर पाया गया है।
24 अभिभावकों की आय अधिक
स्कूलों में जब आरटीई में चयनित विद्यार्थियों की सूची पहुंची तो स्कूलों ने भी अपने स्तर से आवेदन पत्र की पड़ताल की। ऐसे में उन्हें 24 ऐसे अभिभावक मिले, जिनकी आय निर्धारित मानक से अधिक है। 38 बच्चों ने जरूरी कागजात जमा नहीं करवाए हैं। 85 बच्चे पहले से अन्य या उन्हीं विद्यालयों में अध्ययनरत हैं।
34 बच्चों का दाखिला लेने से किया इन्कार
34 अभिभावकों ने शिकायत दर्ज करवाई है कि वह अपने बच्चे का दाखिला करवाने के लिए स्कूल पहुंचे, लेकिन उन्होंने दाखिला लेने से इन्कार कर दिया। घर से बाहर होने की वजह से छह बच्चोें के दाखिला नहीं हो पाए। इसके अलावा एक बच्चे क अभिभावक के आय प्रमाण पत्र और सेलरी स्लिप में अंतर और एक बच्चे की दाखिला प्रक्रिया अभी चल रही है।
इस बार पिछले वर्ष से अधिक बच्चों के आरटीई के तहत दाखिला हुए हैं। अभी प्रयास किया जा रहा है कि जो बच्चे दाखिला से छूट रहे हैं, उनमें अधिक से अधिक का दाखिला सुनिश्चित करवाया जाए।
अनुज सिंह, डीएम