रामपुर। रामपुर में चालकों की हड़ताल से पहले दिन ट्रांसपोर्ट को करोड़ों का झटका लगा है तो वहीं व्यापारियों की भी मुसीबतें बढ़ गई हैं। दिल्ली से आ रहे ट्रक और डीसीएम का मॉल अटका हुआ है। माल न आ पाने पर इसका सीधा असर धंधे पर पड़ा है। साथ ही बड़ी इंडस्ट्री भी इससे अछूती नहीं है। कंपनियों का मैन्यूफैक्चरिंग माल बाहर नहीं पहुंच सका है। जिससे काफी नुकसान पहुंचा है। बताया जा रहा है कि यदि कानून वापस न लिया गया तो आगे और क्षति होने की संभावना जताई जा रही है।
रामपुर में मौजूदा समय में चार से पांच एजेंसी हैं। कम से कम 35-40 ट्रांसपोर्टर हैं, जो माल भरकर एक राज्य से दूसरे राज्य और शहरों तक सप्लाई करते हैं। रामपुर में छोटी-बड़ी कम से कम 50 इंडस्ट्री और 300 से अधिक दुकानें हैं। बताया जा रहा है कि ट्रांसपोर्ट की एक सप्लाई चेन चलती है। चालक-परिचालकों की हड़ताल से यह सप्लाई चेन टूट गई है। जिससे करीब 50 करोड़ का झटका लगा है। उद्योगपतियों और व्यापारियों को इससे सीधा झटका लगा है। उद्योगपतियों की सेल और व्यापारियों की मॉल आपूर्ति न हो पाने की वजह से करीब 50 करोड़ का झटका एक दिन में लगा है। ट्रांसपोर्टर बताते हैं कि रामपुर में माल सप्लाई के लिए एक दिन कम से कम 10-15 ट्रक का आवागमन रहता हैं। ऐसे में सिर्फ 10 करोड़ का झटका तो एक दिन में ट्रांसपोर्ट को ही लगा है। इसके अलावा उद्योगपति और व्यापारी को नुकसान हुआ है। बताया जा रहा है यदि तीन दिन और इसी तरह चलता रहा तो निश्चित रूप से व्यापार जगत को बड़ा झटका लग सकता है।
कुछ इस तरह से चलती है सप्लाई चेन
माल के मैनुफैक्चर होने के बाद सुपर स्टाकेज होता है। इसके बाद आगे डिस्ट्रीब्यूटर तक पहुंचता है। जबकि फिर होल सेलर और फिर रिटेलर तक माल बिकने के लिए आता है। ऐसे में एक दिन में पूरी सप्लाई चेन टूट गई है।
कई व्यापारियों का रुका माल
रामपुर में अधिकांश व्पापारियों का नए साल का माल दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में रुका हुआ है। चालकों के हड़ताल पर जाने से अब तक माल नहीं पहुंच सका है। ऐसे में माल आपूर्ति न होने से उनको परेशानी हो रही है।
ट्रांसपोर्ट बाधित होने से सीधा झटका उद्योग को लगता है। एक दिन में यदि मानकर चलें तो सप्लाई चेन तक करीब 50 करोड़ का झटका लग सकता है। यदि आगे भी हड़ताल जारी रही तो उससे बड़ा नुकसान हो सकता है।
-श्रीश गुप्ता, सचिव, आईआईए, रामपुर
प्लाईवुड इंडस्ट्री को भी झटका लगा है। माल नहीं पहुंच सका है। चालकों ने हाथ खड़े कर दिए हैं और माल पैक है। ऐसे इस हड़ताल से आगे बड़ा नुकसान हो सकता है।
-मनोज गर्ग, वाइस चेयरमैन आईआईए, रामपुर
इंडस्ट्री का सीधा संबंध परिवहन से है। ऐसे में जब चालक वाहन नहीं चलाएगा तो माल का आदान-प्रदान बंद हो जाएगा और सप्लाई चेन टूट जाएगी।
-विपिन गुप्ता, चेयरमैन, आईआईए, रामपुर
क्या कहते हैं व्यापारी :
व्यापार हमेशा एक सप्लाई चेन की तरह होता है। कड़ियां जुड़ी हुई हैं। ट्रांसपोर्ट को झटका लगने का मतलब है कि उद्योग को सीधा झटका लगेगा। माल आपूर्ति न हो पाने पर व्यापारी की मुश्किलें बढ़ी हैं, लेकिन अभी अगर आगे भी यही हाल रहा तो बड़ा झटका लग सकता है।
-शैलेंद्र शर्मा, उद्योग व्यापार मंडल, रामपुर