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Moradabad News: दुकानें हटाने पहुंची आरपीएफ, व्यापारियों संग सड़क पर उतरे विधायक

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रोडवेज के समाने वाली दुकानों को तोड़ने के लिए पहुची रेलवे टीम वही मौक पर व्यापारियों के समर्थन 
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मुरादाबाद। रेलवे की जमीन पर बनीं दुकानों को खाली कराने के विरोध में शुक्रवार को स्टेशन रोड पर चार घंटे खींचतान चली। रेलवे की इंजीनियरिंग टीम और आरपीएफ दुकानें खाली कराने पहुंची तो नगर विधायक रितेश गुप्ता व्यापारियों के समर्थन में उतर आए और कहा कि पहले प्रशासन इनकी आजीविका की व्यवस्था करे।
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सीओ कटघर, सिटी मजिस्ट्रेट और कटघर व कोतवाली थाने की पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। नगर विधायक का साथ मिला तो व्यापारियों का हौसला बढ़ गया। सभी मिलकर रेलवे के मंडल कार्यालय पहुंचे और डीआरएम संग्रह मौर्य से मुलाकात की। विधायक ने व्यापारियों का पक्ष रखतेे हुए कहा कि 1971 से दुकानें स्थापित हैं। दुकानें खाली कराई गईं तो व्यापारी कहां जाएंगे। पहले प्रशासन इन दुकानदारों को दूसरे स्थान पर जमीन उपलब्ध कराए। उसके बाद दुकानों को हटाने की कार्रवाई की जाए। डीआरएम ने कहा कि दुकानें खाली करने के लिए ज्यादा समय नहीं दिया जा सकता। जमीन खाली करनी ही होगी। रेल प्रशासन से असहमति जताते हुए विधायक और व्यापारी वहां से लौट आए। रेलवे की टीम और दुकानों के बीच व्यापारी और विधायक सड़क पर खड़े हो गए। उन्होंने कहा कि प्रशासन की लाठियां खाएंगे लेकिन व्यापारियों की आजीविका नहीं खोने देंगे। खींचतान के बीच वहां से गुजर रहे वाहनों को जाम का सामना करना पड़ा।

तीन दिन का अल्टीमेटम देकर चली गई रेलवे की टीम
जनप्रतिनिधि का समर्थन और व्यापारियों का विरोध देख रेलवे की टीम ने अपने अधिकारियों से संपर्क साधा। मुख्यालय से मिले निर्देशों के आधार पर टीम तीन दिन का अल्टीमेटम देकर चली गई। आरपीएफ ने घोषणा की है कि जिन 85 दुकानों पर लाल निशान लगाए गए हैं, उन्हें तीन दिन के भीतर खाली कर दिया जाए। अन्यथा रेलवे अपनी जमीन को कब्जा मुक्त कराने के लिए कार्रवाई करेगा। वहीं व्यापारियों ने कहा कि 50 साल से चल रहे व्यापार को हटाने के लिए तीन दिन का समय कम है, व्यापारी कहां जाएंगे।
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सड़क चौड़ीकरण के लिए जमीन खाली करा रहा रेलवे
रेलवे के प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि दो साल पहले जिला प्रशासन की ओर से ही रामपुर रोड को चौड़ा करने का प्रस्ताव मिला था। इसके लिए प्रशासन ने रेलवे से जमीन मांगी है। शहर को जाम से निजात दिलाने के लिए सड़क का चौड़ीकरण जरूरी है। रेलवे जमीन देने को तैयार है लेकिन बिना कब्जा हटाए यह संभव नहीं है। इसलिए रेलवे ने भी जमीन को कब्जा मुक्त कराने के लिए जिला प्रशासन से सहयोग मांगा है।

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दुकानदारों के वर्जन
दुकानदारों के पास इज्जतनगर मंडल में जमा किए गए दुकानों के किराये की रसीद है। रेलवे के पास कोई रिकॉर्ड नहीं है। हमनें जमीन पर कब्जा नहीं किया है। यह जमीन हमारे पूर्वजों को दुकानों के लिए किराये पर आवंटित की गई थी।
- संजय अरोड़ा, व्यवसायी

स्टेशन रोड, कटघर व डबल फाटक पुल के पास मिलाकर 165 दुकानें हैं। इनसे 10-15 हजार लोगों का पालन पोषण होता है। दुकानें खाली कराई गईं तो यह सभी बेरोजगार हो जाएंगे।
- भरत अरोड़ा, व्यवसायी

दुकानदारों के लिए किसी दूसरे स्थान पर व्यवस्था की जाए। इसके लिए रेल प्रशासन और जिला प्रशासन से लगातार वार्ता की जा रही है। यह 15 हजार लोगों की आजीविका का सवाल है। गलत नहीं होने देंगे।
- रितेश गुप्ता, नगर विधायक

रेलवे ने 85 दुकानों पर लाल निशान लगाए हैं। यह दुकानें रेलवे की जमीन पर हैं और कब्जा मुक्त कराने के लिए शांतिपूर्ण प्रयास किए जा रहे हैं। इसके लिए जिला प्रशासन से समन्वय किया गया है।
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- आदित्य गुप्ता, सीनियर डीसीएम
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