मुरादाबाद। कांवड़ यात्रा के दौरान लागू रूट डायवर्जन से पिछले 20 दिनों से करीब 400 कंटेनर हस्तशिल्प उत्पाद फैक्टरियों में फंसे हुए हैं। निर्यातकों का कहना है कि सप्ताह में चार दिन भारी वाहनों की आवाजाही प्रभावित होने के कारण कंटेनर फैक्टरियों तक नहीं पहुंच सके। इसकी वजह से तैयार माल पोर्ट (बंदरगाह) तक नहीं भेजे जा सके। इसका सबसे ज्यादा असर अमेरिका भेजे जाने वाले हस्तशिल्प उत्पादों पर पड़ा है।
दिल्ली, कांठ, रामपुर रोड समेत अन्य जगहों पर स्थित फैक्टरी के संचालकों का कहना है कि उत्पादन और पैकिंग पूरी होने के बाद माल कंटेनर में भरकर पोर्ट भेजा जाना था लेकिन रूट डायवर्जन के कारण भारी वाहनों की आवाजाही बाधित रही। करीब 400 कंटेनर पोर्ट के लिए रवाना नहीं हो सके। इससे फैक्टरियों में तैयार माल जमा होता गया और समय पर डिलीवरी का भी संकट खड़ा हो गया। निर्यातकों का कहना है कि 100 करोड़ का हस्तशिल्प उत्पाद रुका हुआ है।
जिले के निर्यातकों की नजर अब रूट खुलने पर है। फैक्टरियों में जमा माल जल्द-से-जल्द पोर्ट पहुंचाना कारोबारियों की पहली प्राथमिकता होगी। निर्यातकों का कहना है कि 24 अगस्त की शाम से भारी वाहनों की आवाजाही शुरू होने की उम्मीद है। इसके बाद फैक्टरियों में जमा माल को पोर्ट तक पहुंचाने के लिए कंटेनरों की आवाजाही बढ़ेगी। वह बताते हैं कि कांवड़ यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था जरूरी है लेकिन औद्योगिक क्षेत्रों और कंटेनर परिवहन के लिए ऐसी वैकल्पिक व्यवस्था बनाई जानी चाहिए, जिससे निर्यात कारोबार पूरी तरह प्रभावित न हो।
00
निर्यातक बोले...
-रूट डायवर्जन से कंटेनरों की आवाजाही प्रभावित रही। माल तैयार होने के बावजूद कंटेनर नहीं पहुंचे। करीब 20 दिनों तक तैयार माल फैक्टरियों में रुका रहा, जिससे पोर्ट भेजने का शेड्यूल बिगड़ा है।-हरविंदर सिंह, निर्यातक
-सप्ताह में चार दिन भारी वाहनों की आवाजाही प्रभावित होने से लॉजिस्टिक्स व्यवस्था प्रभावित रही। लगातार देरी से दबाव बढ़ता गया। रूट खुलने पर तैयार माल प्राथमिकता से भेजा जाएगा।-रजत सिंघल, निर्यातक
-रूट डायवर्जन से अमेरिका के खरीदारों के लिए तैयार माल सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ। समय पर डिलीवरी की चिंता है। परिवहन बाधित होने से डिलीवरी शेड्यूल प्रभावित होने की आशंका है।-रजत अग्रवाल, निर्यातक
-24 अगस्त की शाम से भारी वाहनों की आवाजाही शुरू होने की उम्मीद है। इसके बाद फैक्टरियों में जमा करीब 400 कंटेनर पोर्ट भेजे जाएंगे, जिससे लॉजिस्टिक्स पर दबाव बढ़ेगा।-विशाल अग्रवाल, महासचिव, एक्सपोर्टर्स वॉइस एसोसिएशन