मुरादाबाद। रूट कैनाल इरीगेंट्स की नई विधियों ने इस प्रक्रिया को आसान बनाया है। नई विधि से उपचार न केवल मरीजों के बजट में है बल्कि समय भी कम लगता है। यह बातें डॉ. गगनदीप कौर ने इंडियन डेंटल एसिसिएशन की मुराादाबाद शाखा की सीडीई में कहीं। बतौर मुख्य वक्ता डॉ. कौर ने रूट कैनाल इरीगेंटस की नई विधियों को साझा किया। उन्होंने कहा कि दातों की जड़ों में नसों को मजबूत बनाने वाले रसायन को आरसी इरीगेंट्स कहते हैं। इनका मुख्य उद्देश्य रूट कैनाल उपचार के दौरान संक्रमित या मृत पल्प टिशू और बैक्टीरिया को हटाना, डेंटिन से मलबा साफ करना और चैनलों को कीटाणु रहित करना है जिससे दांत को बचाया जा सके। सामान्य इरीगेंट्स में सोडियम हाइपोक्लोराइट और ईडीटीए शामिल हैं। यह तरल पदार्थ रूट कैनाल उपचार की प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं, जो दांत को संक्रमण से बचाने और उसे भविष्य में कार्य करने के लिए तैयार करने में मदद करते हैं।
नई विधियों में डॉ. कौर ने अल्ट्रासोनिक सक्रियण, सोनिक सक्रियण, लेजर सक्रियण, नकारात्मक दबाव इंरीगेंट (जैसे एंडोवैक) और कम्प्यूटेशनल फ्लूइड डायनेमिक्स सिमुलेशन को साझा किया। उन्होंने कहा कि यह विधियां पारंपरिक सुईं की तुलना में जीवाणु, स्मीयर लेयर और मलबे को अधिक प्रभावी ढंग से हटाने में मदद करती हैं। साथ ही इरिगेशन घोल को बेहतर तरीके से नलों तक पहुंचाती हैं।
विशिष्ट अतिथि डॉ. मनप्रीत सिंह ने कहा कि अल्ट्रासोनिक सक्रियण में उच्च-आवृत्ति वाली ध्वनि तरंगों का उपयोग करके दांतों से प्लाक, टार्टर और बैक्टीरिया को हटाया जाता है। अल्ट्रासोनिक स्केलर एक विशेष उपकरण है जो तेज कंपन पैदा करता है और साथ ही पानी की एक पतली धारा का छिड़काव करता है। यह कंपन टार्टर को ढीला करके तोड़ देते हैं, जबकि पानी बैक्टीरिया और मलबा को हटाता है और उपकरण को ठंडा रखता है। इससे दांतों की सतह को नुकसान पहुंचाए बिना प्रभावी सफाई होती है।
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आईडीए के सदस्यों ने खेलों का लिया आनंद
आईडीए के सदस्यों ने सीडीई के बाद मनोरंजक गतिविधियों का आयोजन किया। क्विज व हाऊजी जैसे खेलों से डॉक्टरों के परिजनों से लुत्फ उठाया। गीत-संगीत की महफिल जमी और सबने तराने गाए। कार्यक्रम का संचालन डॉ. पुरू सरन ने किया। सचिव डॉ. रोमिल सिंघल ने सभी सदस्यों को धन्यवाद दिया। इस मौके पर डॉ. अमित, डॉ. पुलकित, डॉ. राफे, डॉ. यूपी सिंह, डॉ. विवेक, डॉ. अभिनय आदि मौजूद रहे।