मुरादाबाद। भैयादूज पर भाई के घर जाने के लिए बहनों को खूब मशक्कत झेलनी पड़ी। सुबह छह बजे के बाद से ही बस अड्डों पर यात्रियों की संख्या बढ़ने लगी। यात्रियों की आवाजाही बढ़ते ही अतिरिक्त बसों को रवाना किया गया। साथ ही लोकल रूटों पर बसों के फेरे भी बढ़ा दिए गए। दो से तीन घंटे के बाद हालात सामान्य हुए। इसके बाद पूरे दिन यात्रियों की संख्या और रूट की मांग को देखते हुए बसों का संचालन किया गया। मुरादाबाद परिक्षेत्र के सभी बस अड्डों से करीब हजार की संख्या में बसों का संचालन हुआ। वहीं अन्य परिक्षेत्रों की भी करीब 200 से अधिक बसें मुरादाबाद मंडल से होकर गुजरीं। अनुमान के मुताबिक डेढ़ लाख से अधिक यात्रियों ने इन बसों से सफर किया। दिल्ली, मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर व पीलीभीत के रूट पर अतिरिक्त बसों का संचालन किया गया। जबकि अमरोहा, संभल, चंदौसी, बदायूं, बिजनौर, नजीबाबाद, मुजफ्फरनगर, हरिद्वार रूट पर बसों के फेरे बढ़ाए गए। पूरे दिन में कई बार यह स्थिति बनी कि बसों में सीट पाने के लिए बहनों को जद्दोजहद करना पड़ा। पीतलनगरी और मुरादाबाद दोनों ही डिपो पर हर तीन मिनट में एक बस रवाना हुई।
अमरोहा, धामपुर की बसों में भी यात्रियों की काफी भीड़ रही। बस अड्डे के अलावा शहर व हाईवे पर बने छोटे-छोटे बस स्टॉप पर भी बहनें खड़ी रहीं और उन्होंने वहां से बस पकड़ी। जीरो प्वाइंट, बाइपाल, चौधरी चरण सिंह चौक, गागन तिराहा पर भी बहनों ने बसों का इंतजार किया। दिल्ली से लखनऊ व बरेली तक जाने वाली कई बसें सवारी लेकर सीधे बाईपास से ही निकल गईं।
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- जिस रूट के यात्री बढ़े, उधर चलीं बसें
रोडवेज प्रबंधन ने बसों को लंबे रूटों पर भी चलाया। यात्रियों की डिमांड पर अतिरिक्त बसें रवाना की गई। साथ ही अगल-बगल के जिलों के लिए बसों के फेरे बढ़ाए गए। क्षेत्रीय प्रबंधक अनुराग यादव के मुताबिक जरूरत के अनुसार रूटों पर बसों के फेरे बढ़ाए गए। मुरादाबाद और पीतलनगरी बस अड्डे से 130 बसों के फेरे बढ़ाए गए। वहीं छठ के यात्रियों के लिए भी अतिरिक्त बसों का संचालन किया गया है।