मुरादाबाद। लाइनपार के पैपटपुरा वार्ड-4 में विकास की तस्वीर कागजों से बाहर नहीं निकल पा रही है। यहां कई गलियां अब भी कच्ची हैं। बरसात होते ही रास्ते कीचड़ से पट जाते हैं और लोगों का निकलना मुश्किल हो जाता है। कई जगह फिसलन इतनी है कि पैदल चलने वालों को संभल-संभलकर कदम रखना पड़ता है। दोपहिया वाहन भी इन रास्तों पर फिसलते रहते हैं।
समस्या सिर्फ सड़कों तक सीमित नहीं है। गलियों में नालियां नहीं होने से घरों और आसपास का गंदा पानी निकलने का रास्ता नहीं है। बारिश के बाद यही पानी खाली प्लाटों में जमा हो जाता है। कई जगह गंदा पानी लंबे समय तक जमा रहने से दुर्गंध फैलती है। इससे मच्छरों का प्रकोप बढ़ने के साथ संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बना हुआ है। रात में लोगों की परेशानी और बढ़ जाती है। गलियों में स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था नहीं है। अंधेरा होने के बाद कच्चे और कीचड़ भरे रास्तों से निकलना जोखिम भरा हो जाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क, नाली और स्ट्रीट लाइट की समस्या को लेकर कई बार स्थानीय पार्षद से शिकायत की गई, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं हुआ। लोगों ने नगर निगम से जल्द सड़क और जलनिकासी की व्यवस्था कराने की मांग की है। अपर नगर आयुक्त अजीत कुमार सिंह का कहना है कि समस्या संज्ञान में नहीं है। संबंधित विभाग से कहकर समाधान कराएंगे।
लोगों के कोट्स (फोटो)
बरसात में गलियों की हालत बेहद खराब हो जाती है। कच्चे रास्तों पर इतना कीचड़ हो जाता है कि पैदल निकलना मुश्किल हो जाता है। कई बार लोग फिसलकर गिर चुके हैं। सड़क बनवाने की मांग लंबे समय से की जा रही है, लेकिन अभी तक समस्या का समाधान नहीं हुआ।
- सुनील
नालियां नहीं होने के कारण गंदा पानी गलियों से निकलकर खाली प्लाटों में जमा हो जाता है। कई दिनों तक पानी भरा रहता है और बदबू आती रहती है। मच्छर भी बढ़ गए हैं। बच्चों और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा परेशानी होती है। सफाई और जलनिकासी की व्यवस्था जरूरी है।
- सुनीता
रात में पैपटपुरा की गलियों में अंधेरा रहता है। स्ट्रीट लाइट नहीं होने से कच्चे और कीचड़ वाले रास्तों पर चलना मुश्किल होता है। बाइक से निकलते समय फिसलने का डर रहता है। कई बार शिकायत कर चुके हैं, लेकिन अभी तक लाइट और सड़क की समस्या दूर नहीं हुई।
- विजय
यहां रहने वाले लोगों को हर मौसम में परेशानी उठानी पड़ती है। गर्मी में धूल और बरसात में कीचड़ व जलभराव रहता है। नालियां नहीं होने से गंदा पानी प्लाटों में जमा होता है। जनप्रतिनिधियों से कई बार समस्या बताई है। अब नगर निगम को इस ओर ध्यान देना चाहिए।
- हरिओम