यूं तो प्राधिकरण की महायोजना - 2021 में भी रिंग रोड प्रस्तावित है लेकिन सही मायने में रिंग रोड यही होगा। 36.7 किमी लंबा ये रिंग रोड बनने के बाद शहर की शक्ल बदल जाएगी। दिल्ली की तरह यह रिंग रोड शहर के चारों ओर बाहर - बाहर घूमेगा।
दिल्ली, आगरा, संभल, नैनीताल, हरिद्वार जाने वालों को शहर में घुसने की जरूरत नहीं पड़ेगा। रिंग रोड के वजूद में आने के बाद शहर के विकास को भी पंख लगना लाजिमी है। अभी तक शहर में कोई रिंग रोड नहीं है। नेशनल हाईवे पर एक बाईपास (पाकबड़ा से दलपतपुर) जरूर है।
लेकिन इसका फायदा सिर्फ दिल्ली से लखनऊ जाने वालों को मिलता है। नैनीताल या हरिद्वार हाईवे पर जाने वालों को इस बाईपास का कोई फायदा नहीं मिलता। उन्हें शहर के बीच होकर गुजरना ही पड़ता है।
जिसकी वजह से शहर में तो जाम लगता ही है बाहर से आने वाले सैलानियों को भी शहर के बीच घंटों जाम में वक्त बर्बाद करना पड़ता है। इस नए रिंग रोड के बनने से इस जाम से शहर को तो मुक्ति मिलेगी ही, नैनीताल और हरिद्वार जाने वाले सैलानियों का बेवजह बर्बाद होने वाला वक्त भी बचेगा।
नैनीताल या हरिद्वार को जाने वाला ट्रैफिक शहर में नहीं आएगा और इस रिंग रोड से बाहर के बाहर ही चला जाएगा।