प्राधिकरण ने अवैध निर्माण के चलते शुक्रवार को पंडित नंगला बाईपास दो बिल्डिंग सील कर दीं। हालांकि दस दिन पहले सील की गई तीन बिल्डिंगों की सील खामोशी से खोल दी गई है। प्राधिकरण में अवैध निर्माण पर नोटिस और सीलिंग व वसूली का खेल नया नही हैं।
पहले भी तमाम बिल्डिंगें इसी तरह सील होकर उनकी सील खोली जाती रही है। नोटिस जारी करने के बाद प्राधिकरण तब तक किसी अवैध निर्माण को नहीं रोकता है जब तक वह निर्माण पूरा न हो जाए।
एमडीए के आरबीओ जोन प्रभारी जर्नादन राम के नेतृत्व वाली टीम ने शुक्रवार को कटघर थाना क्षेत्र में पंडित नंगला बाईपास पर स्थित गौरव और सौरभ की दो बिल्डिंगों को सील कर दिया। जोन प्रभारी ने बताया कि बिल्डिंग अवैध थीं और बिना मानचित्र के बनाई जा रही थीं।
भवन स्वामियों को नोटिस दिया गया था लेकिन उन्होंने निर्माण जारी रखा और बिल्डिंग बनाकर खड़ी कर लीं। लिहाजा दोनों को सील कर दिया गया। उधर, कांठ रोड पर सील किए गए तीन बड़े शोरूम की सील एमडीए ने खोल दी है। प्राधिकरण अफसरों का दावा है कि इनसे समन शुल्क वसूल लिया गया है।
इसी तर्ज पर लाकड़ी में कई बड़ी एक्सपोर्ट फैक्ट्रियों को भी प्राधिकरण सील कर चुका है, जिनकी सील दो दिन बाद ही खोल दी गई थीं। बिल्डिंगों को शोर मचाकर सील करने और फिर खामोशी से उनकी सील खोल देने की वजह से प्राधिकरण अफसरों की नीयत पर हमेशा से उंगली उठती रही हैं।