मुरादाबाद। एमडीए के नया मुरादाबाद के सेक्टर 13 के वाशिंदों को रोजमर्रा कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। यहां की सड़कें जर्जर हो चुकी हैं, पार्क भी बदहाल हैं। ये क्षेत्र एमडीए कार्यालय से कुछ ही दूरी पर है, फिर भी यहां नियमित सफाई की व्यवस्था तक नहीं है, लोगों को निजी कर्मचारियों से सफाई करानी पड़ती है।
एमडीए ने जब नया मुरादाबाद परियोजना को शुरू किया तो यहां करीब 16 सेक्टर बनाए गए। इसमें कई आवासीय परियोजनाओं के साथ साथ प्लॉट आवंटन किया गया। इसमें सेक्टर 13 में परिवारों ने आवास बनाए और रहना शुरू कर दिया। प्लॉट आवंटन के बाद एमडीए नई परियोजनाओं पर तो ध्यान देता रहा लेकिन जो प्लॉट आवंटित हो गए, जहां लोग बस गए, वहां की मूलभूत सुविधाओं के प्रति उदासीन रहा, जिसके कारण अब लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मुख्य सड़कें तक टूट चुकी हैं। पार्क वीरान हो चुके हैं। वहीं, एमडीए के अधिकारियों का कहना है कि एमडीए देखरेख करता है, जहां से शिकायत आती है, वहां समाधान किया जाता है।
- कॉलोनियों का रखरखाव पर पूरा ध्यान दिया जाता है। अगर कहीं से कोई शिकायत आती है तो वहां टीम भेजकर उसका निस्तारण कराया जाता है। - पंकज वर्मा, सचिव, एमडीए
नया मुरादाबाद के सेक्टर 13 में करीब 12 सालों से रह रहे हैं, शुरुआती दौर में सड़कें ठीक थी, बिजली को पोल लगाए गए, लेकिन बिजली पोल नीचे से गलने लगे हैं, सड़कें बदहाल हो चुकी हैं, जिससे अब चलना भी दुश्वार हो रहा है।
महिपाल सिंह, सेक्टर-13
- सेक्टर 13 में करीब 400 परिवार रह रहे हैं, लेकिन अपने घर तक पहुंचने के लिए सड़कें खस्ताहाल हो चुकी हैं। मेरे घर के सामने ही पार्क है लेकिन उसमें एक दो को छोड़कर यहां कोई पेड़ पौधा नहीं बचा है। खेल के उपकरण तो लगाए ही नहीं गए थे, जिससे बच्चों के खेलने के काम भी नहीं आ पा रहा है।
- मुकेश गुप्ता, सेक्टर-13
- नालिया नीची हैं, जिसके कारण वह अक्सर बंद हो जाती हैं। मूलभूत सुविधाओं के नाम पर कुछ नहीं है। कई बार एमडीए से सड़क बनवाने के लिए भी कह चुके हैं, खाली प्लॉटों की सफाई की भी मांग कर चुके हैं लेकिन कोई लाभ नहीं होता है। अधिकारी इन पर ध्यान नहीं देते हैं।
कालीचरण, सेक्टर 13
-
- सबसे बड़ी परेशानी तो सफाई व्यवस्था के न होने से है। कॉलोनी एमडीए की है, कार्यालय भी अधिक दूर नहीं है लेकिन इसके बावजूद यहां एमडीए की ओर से कूड़ा उठाने की कोई व्यवस्था नहीं की गई है। स्थानीय लोगों ने मिलकर निजी तौर पर सफाई कर्मचारी रखे हैं, जिससे यहां से कूड़ा उठता है।
- रूबी गुप्ता, सेक्टर 13