मुरादाबाद। निष्क्रिय औद्यानिक सहकारी संघ का फर्जी ढंग से पदाधिकारी बन कृषि विभाग से उर्वरक बिक्री लाइसेंस हथियाने के मामले में आईजी के आदेश पर सिविल लाइंस थाने में आरोपी शादाब के खिलाफ धोखाधड़ी व कूटरचित ढंग से अभिलेख तैयार करने का मुकदमा पंजीकृत कर लिया गया है।
औद्यानिक सहकारी संघ मुरादाबाद के अध्यक्ष रफीउद्दीन व सचिव अरशद अली हैं। इस संघ का गठन वर्ष 2004 में किया गया था। लेकिन उसके बाद कभी भी संघ का चुनाव नहीं हुआ। उद्यान विभाग के अभिलेखों में वर्ष 2009 से ही निष्क्रिय चल रहे इस संघ के अध्यक्ष रफीउद्दीन ने पुलिस महानिरीक्षक को भेजे पत्र में कहा था कि इस संघ का फर्जी पदाधिकारी बन व फर्जी हस्ताक्षर व मुहर का इस्तेमाल कर शादाब नाम के युवक ने कृषि विभाग से चार अलग-अलग स्थानों के लिए उर्वरक लाइसेंस इफ्को उर्वरक बेचने के लिए प्राप्त कर लिया। शिकायतकर्ता रफीउद्दीन ने इस प्रार्थना पत्र के साथ सूचना के अधिकार में कृषि कार्यालय से प्राप्त अभिलेख भी लगाया है। आईजी के आदेश पर सिविल लाइन थाने में आरोपी शादाब के खिलाफ धारा 420, 467, 468 व 471 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। फर्जी पदाधिकारियों को जारी उर्वरक लाइसेंस का यह दूसरा ऐसा मामला है जिसकी रिपोर्ट दर्ज हुई है। खास बात यह है कि दोनों ही मामलों में शादाब नाम के युवक को आरोपी बनाया गया है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।