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बच्ची से दुष्कर्म के मामले में लखनऊ से रिपोर्ट तलब

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कांठ (मुरादाबाद)। छजलैट थानाक्षेत्र में पांच साल की बच्ची से दुष्कर्म के मामले में लखनऊ से रिपोर्ट तलब की गई है। इस मामले में ग्राउंड रिपोर्ट जानने के लिए राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के अध्यक्ष डॉ विशेष गुप्ता सोमवार को छजलैट पहुंचे। वहां पर उन्होंने बच्ची के परिवार वालों और पुलिस से जानकारी की। बच्ची के इलाज की जिम्मेदारी पुलिस को सौंपते हुए उन्होंने पीड़िता के परिजनों को नियमानुसार आर्थिक सहायता दिलाने का भरोसा भी दिया। उन्होंने कहा कि ऐसी जघन्य वारदातों को छिपाना चाहिए। जिससे अपराधियों के हौसले बुलंद होते हैं। मंगलवार को वह लखनऊ पहुंचकर अब तक की जांच रिपोर्ट शासन को सौंपेेंगे।
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सोमवार की शाम उत्तर प्रदेश बाल अधिकार संरक्षण आयोग के अध्यक्ष पांच साल की दुष्कर्म पीड़ित बच्ची के घर पहुंचे। उन्होंने बच्ची के अस्वस्थ होने के बाद भी घर पर होने को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की। इसे लापरवाही मानते हुए उन्होंने मौके पर मौजूद छजलैट पुलिस को पीड़ित मासूम का अच्छे से अच्छा इलाज कराने के निर्देेश दिए। अब तक की गई पुलिस कार्रवाई के बारे में परिजनों से जानकारी ली। उन्होंने जिला प्रोबेशन विभाग से रानी लक्ष्मीबाई योजना के तहत एक लाख रुपये की मदद परिवार को तत्काल दिलाए जाने को कहा। बाकी के दो लाख रुपये प्रक्रिया पूर्ण होने पर दिलाए जाने की बात कही। परिवार की आर्थिक स्थिति दयनीय होने पर उन्होंने अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने को कहा। इस दौरान इंडियन चाइल्ड प्रोटेक्शन टीम ने भी पीड़िता के घर पहुंचकर पूरी जानकारी जुटाई। आयोग के अध्यक्ष थाना छजलैट पहुंचे और अब तक की गई पुलिस कार्रवाई की जानकारी ली। वहीं पीड़िता के परिवार को सुरक्षा प्रदान किए जाने को भी कहा।
दुस्साहस: बच्ची से दुष्कर्म, शिकायत पर परिवार वालों की पिटाई
मुरादाबाद। बच्ची से दुष्कर्म के बाद पीड़ित परिवार खौफजदा है। उन्होंने राज्य बाल संरक्षण आयोग के अध्यक्ष को बताया कि दुष्कर्म की शिकायत दर्ज कराए जाने के बाद उनके साथ मारपीट की गई है। उनसे कहा गया कि जब मामला पंचायत में निपटाया जा रहा था तो एफआईआर क्यों करवाई? यह सुनकर आयोग के अध्यक्ष ने पुलिस वालों से कहा कि जो भी पीड़ित परिवार की पिटाई में शामिल रहा है, उसको गिरफ्तार करें। आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए, जिससे की भविष्य में वह पीड़ित परिवार को नुकसान न पहुंचा सकें। पीड़ित परिवार को पुलिस सुरक्षा भी दिलाए जाने के लिए भी निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि जघन्य मामलों को छिपाना नहीं चाहिए। मामलों को दबाने से अपराधियों का हौसला बढ़ता है। उन्होंने कहा कि गांवों में जल्द ही समितियां बनाई जाएंगी। इसी के साथ बाल मित्र रखे जाएंगे। बाल अपराध रोकने को जागरूकता की आवश्यकता है।
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बच्ची की हालत गंभीर पर अस्पताल से दी दी छुट्टी
मुरादाबाद। बच्ची अस्वस्थ है। उसे रक्त स्राव हो रहा है। बच्ची को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था, लेकिन उसके अस्वस्थ होने के बाद भी अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। इस संबंध में अस्पताल प्रशासन ने आयोग के अध्यक्ष को बताया कि बच्ची को उसकी मां ही अस्पताल से ले गई। उनका कहना था कि उनके और बच्चे हैं, जो कि घर पर हैं। उनकी परवरिश करनी है, इस वजह से बच्ची को घर ले आई। बच्ची सोमवार रात तक भी घर पर थी, उसे अस्पताल में भर्ती नहीं कराया है। ऐसे में उसकी हालत बिगड़ सकती है।
टूटी छत और कच्चे मकान में रहता है पीड़िता का परिवार
कांठ। पीड़ित बच्ची के परिवार की आर्थिक स्थिति अत्यंत ही दयनीय है। मकान कच्चा है, छत टूटी हुई है। जिस पर पन्नी लगाकर परिवार जीवनयापन कर रहा है। बच्ची की मां ने बताया कि कई बार सरकारी आवास के लिए प्रार्थना पत्र दे चुकी है, लेकिन अभी तक उसे योजना का लाभ नहीं मिला है। संपूर्ण समाधान दिवस में भी प्रार्थनापत्र दिया था। उज्जवला योजना के तहत गैस का कनेक्शन तो मिला है लेकिन मुफलिसी के चलते आज भी खाना मिट्टी के चूल्हे पर ही बनता है। उत्तर प्रदेश बाल अधिकार संरक्षण आयोग के अध्यक्ष डॉ विशेष गुप्ता ने इस पत्र की प्रति ली। इस संबंध में जिलाधिकारी और शासन स्तर पर बात करने का भरोसा दिया है, जिससे की पीड़ित परिवार को पक्का मकान मिल सके।
‘पुलिस द्वारा इस मामले में आरोपी के साथ ही पीड़ित परिवार पर एफआईआर न कराने का दबाव बनाने वालों पर कार्रवाई की गई है। पीड़ित परिवार को हर संभव मदद दिलाई जाएगी। सुरक्षा के लिए छजलैट एसओ लगातार पीड़ित परिवार के संपर्क में हैं। पीड़ित परिवार को पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था मुहैया करवाई जाएगी।’
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उदय शंकर सिंह, एसपी देहात।
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