मुरादाबाद। कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर का प्रकोप बढ़ने के कारण औद्योगिक इकाइयों और कारखानों की ऑक्सीजन सप्लाई रोक दी गई थी। इससे 15 अप्रैल से कारखानों में काम बंद था। इस पर निर्यातक संगठनों ने शासन से ऑक्सीजन सप्लाई चालू करने की मांग की थी। रविवार को शासन ने औद्योगिक इकाइयों को ऑक्सीजन देने पर लगाई रोक हटा ली। सोमवार से औद्योगिक इकाइयों और कारखानों के लिए ऑक्सीजन की सप्लाई फिर से चालू हो जाएगी।
कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़ने और जिले में लगातार ऑक्सीजन की कमी के चलते 15 अप्रैल से औद्योगिक इकाइयों के लिए ऑक्सीजन की सप्लाई पर रोक लगा दी गई थी। कोरोना संक्रमण की रफ्तार धीमी पड़ने पर शहर के निर्यातक एसोसिएशनों की ओर से इंडस्ट्री को ऑक्सीजन की सप्लाई चालू किए जाने की मांग जोरशोर से उठाई गई। यंग एंटरप्रिन्योर सोसाइटी (यस) के चेयरमैन विशाल अग्रवाल, मुरादाबाद हैंडीक्राफ्ट्स एक्सपोर्टर एसोसिएशन के महासचिव अवधेश अग्रवाल, दि हैंडीक्राफ्ट एक्सपोर्टर एसोसिएशन के सचिव सतपाल, एमएचईए के अध्यक्ष नावेदुर्रहमान , निर्यातक नीरज खन्ना ने बताया कि जिलाधिकारी ने फोन के माध्यम से सोमवार से सभी कारखानों को ऑक्सीजन की सप्लाई चालू कर दिए जाने की जानकारी दी है। उन्होंने निर्यातकों से संबंधित ऑक्सीजन सप्लायर्स से संपर्क स्थापित करने को कहा है।
15 सौ इकाइयों और कारखानों में बंद था काम
जिले में करीब 15 सौ से अधिक बड़ी औद्योगिक इकाइयां हैं। इसके अलावा सैंकड़ों की संख्या में छोटे कारखाने चल रहे हैं, जिन पर पीतल, एल्यूमिनियम, तांबा और स्टील की कटाई और छिलाई का भी काम होता है। उत्पादों को जोड़ने और काटने में भी ऑक्सीजन की जरूरत होती है। ऐसे में कोई भी कारखाना और औद्योगिक इकाई बिना ऑक्सीजन नहीं चल सकती। जिले में 15 अप्रैल से औद्योगिक इकाइयों और कारखानों में ऑक्सीजन के प्रयोग पर रोक लगा दी गई थी। साथ ही सभी इकाइयों से ऑक्सीजन सिलिंडर जमा करा लिए गए। इससे लगभग सभी औद्योगिक इकाइयां बंद पड़ीं थीं। इससे करीब एक लाख मजदूर और अन्य वर्कर खाली बैठे थे। वहीं विदेशों से मिले आर्डर न बन पाने के कारण उनके कैंसिल होने का डर निर्यातकों को अलग से सता रहा था। अब ऑक्सीजन सप्लाई मिलने से काम शुरू हो जाएगा।
निर्यातक बोले, ऑक्सीजन सप्लाई मिलने से इंडस्ट्री में आएगी जान
दि हैंडीक्राफ्ट एक्सपोर्टर एसोसिएशन के सचिव सतपाल ने कहा कि ऑक्सीजन पर रोक से वेल्डिंग का कार्य ठप होने से फै क्टरियों व छोटे-छोटे कारखानों में कामकाज बंद पड़ा था। अब ऑक्सीजन मिलेगी तो इंडस्ट्रीज में फिर से जान आ जाएगी। एमएचईए के अध्यक्ष नावेदुर्रहमान का कहना है कि संगठन की मांग पर शासन ने तत्काल ध्यान दिया। औद्योगिक विकास के लिहाज से तत्काल ऑक्सीजन मिलना बहुत जरूरी था। यस के चेयरमैन विशाल अग्रवाल ने कहा कि सोमवार से निर्यातक अपनी एजेंसी से संपर्क कर ऑक्सीजन मंगा सकते हैं।
ऑक्सीजन बहाल कराने में राज्य सभा सदस्य की प्रमुख भूमिका रही: अवधेश
एमएचईए के महासचिव अवधेश अग्रवाल ने बताया कि कारखानों को ऑक्सीजन की आपूर्ति को बहाल कराने में राज्यसभा के सांसद जफर इस्लाम का अहम योगदान रहा है। एसोसिएशन उनके प्रति आभार व्यक्त करता है।
सभी औद्योगिक इकाइयों और कारखानों पर ऑक्सीजन के प्रयोग की लगी रोक शासन ने हटा दी है। सभी निर्यातक एसोसिएशनों को सोमवार से कारखानों में ऑक्सीजन की सप्लाई शुरू होने की जानकारी दी गई। जिले को मिलने वाली आपूर्ति की तीस प्रतिशत ऑक्सीजन कारखानों को दी जाएगी।
राकेश कुमार सिंह, जिलाधिकारी