आरडीए (रामपुर विकास प्राधिकरण) ने पूर्व सीओ आले हसन खां के बेटों को अवैध निर्माण तोड़ने में खर्च हुए 40 हजार रुपये जमा करने का नोटिस जारी किया है। इसके लिए उन्हें 15 दिनों का समय दिया गया है। यदि निर्धारित समय में रुपये जमा नहीं किए गए, तो आगे की कार्रवाई होगी।
सांसद आजम खां के करीबियों में शामिल पूर्व सीओ आले हसन खां ने सिविल लाइंस थानाक्षेत्र में सईदनगर हरदो पट्टी में जमीन खरीदी थी। यह जमीन उनके पुत्र वसीम हसन और जावेद हसन के नाम है। साढ़े पांच सौ वर्गमीटर क्षेत्रफल वाले इस भूखंड पर निर्माण कराने के लिए उन्होंने आरडीए से मानचित्र स्वीकृत कराया गया था। जून 2017 में आरडीए ने साढ़े चार सौ वर्गमीटर क्षेत्रफल में निर्माण कराने के लिए नक्शा पास किया था। आरोप है कि 523.54 वर्गमीटर भूमि में स्वीकृत मानचित्र के विपरीत सेटबैक को कवर करते हुए बेसमेंट का निर्माण कार्य कर लिया। इस पर आरडीए की टीम मौके पर पहुंच गई थी, जिसके बाद भूखंड स्वामी की ओर से कोई स्वीकृति नहीं दिखाई गई। आरडीए ने अप्रैल 2019 में अवैध निर्माण को लेकर भूखंड स्वामी को नोटिस जारी कर दिए, लेकिन इसके बाद भी उनकी तरफ से कोई पक्ष पेश नहीं किया गया। इस पर दस सितंबर 2020 को आरडीए ने ध्वस्तीकरण के आदेश पारित कर दिए थे।
ऐसे में आरडीए की टीम ने तीन दिन की कड़ी मशक्कत के बाद अवैध निर्माण तोड़ दिया। यह निर्माण इतना मजबूत था कि दो जेसीबी भी खराब हो गईं थीं, जिसके बाद उत्तराखंड के उधमसिंह नगर से बड़ी जेसीबी मंगाई गई थी और अवैध निर्माण तोड़ा गया था। इस निर्माण तोड़ने में आरडीए को 40 हजार रुपये खर्च करने पड़े। ऐसे में अब आरडीए ने खर्च रुपये वसूलने के लिए भू-स्वामी को नोटिस जारी किया है। इसमें 15 दिनों का समय दिया गया है। एडीएम प्रशासन एवं आरडीए सचिव जगदम्बा प्रसाद गुप्ता ने बताया कि यदि निर्धारित समय में रुपये जमा नहीं किए गए तो आगे की कार्रवाई की जाएगी।