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Moradabad News: कच्चे माल की कीमतें 40 फीसदी तक बढ़ीं, तीन माह में 20 प्रतिशत घटा बर्तन कारोबार

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मुरादाबाद। कच्चे माल की कीमतों में तीन महीने में 30 से 40 प्रतिशत तक वृद्धि होने से पीतलनगरी का बर्तन कारोबार 20 प्रतिशत तक घट गया है। बर्तन कारोबारियों के अनुसार जीएसटी के दो स्लैब होने से भी बर्तन कारोबार पर असर पड़ा है। फिलहाल बर्तन कारोबार में मासिक तीन करोड़ रुपये की गिरावट का औसत है।
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शहर में बर्तन बाजार के अलावा, मंडी चौक, कटरा समेत कुछ अन्य बाजारों में पांच हजार के आसपास बर्तन कारोबारी हैं। जिले में एेसे कारोबारियों की संख्या 15 हजार से अधिक है। उत्तर प्रदेश संयुक्त व्यापार मंडल के महानगर महामंत्री सुनील अग्रवाल ने बताया कि तीन महीने पहले तक शहर में करीब 16 करोड़ रुपये का मासिक बर्तन कारोबार होता था। अब हर माह 13 करोड़ के आसपास मासिक कारोबार ठिठक गया है।


पिछले तीन महीने में बर्तन कारोबार में करीब तीन करोड़ रुपये की मासिक गिरावट का कारण कच्चे माल की महंगाई है। सुनील अग्रवाल के मुताबिक कच्चे माल की कीमतों में तीन माह में 30 से 40 प्रतिशत का इजाफा हुआ है।
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कारोबारियों ने जीएसटी के दो स्लैब से भी काम प्रभावित होने की बात कही है। साथ ही कुछ कारोबारियों के तीन महीने से जीएसटी रिटर्न नहीं आने की भी समस्या बताई। कारोबारी कहते हैं कि पहले की अपेक्षा 20 प्रतिशत बर्तन व्यापार घटा है।



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काम के साथ घट रही कर्मचारियों की संख्या

बर्तन कारोबारी सुमित अग्रवाल ने बताया कि त्योहारों और शादियों को छोड़ दें तो अब बाजार में पहले जैसी रौनक नहीं है। बढ़ती कीमतों से ग्राहक घटने का असर दुकानों पर काम करने वालों पर भी पड़ रहा है। एक व्यापारी ने बताया कि बर्तन की दुकान पर जहां कुछ समय पहले तक तीन कर्मचारी काम करते थे, वहां अब एक ही कर्मचारी से काम चला रहे हैं। कटघर, पीरजादा, जामा मस्जिद, करूला, ईदगाह समेत अन्य स्थानों की बर्तन फैक्टरियों पर भी इन स्थितियों का असर नजर आ रहा है।



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तीन महीने में कच्चे माल के दाम 50 से 250 रुपये तक बढ़े

व्यापारी बताते हैं कि तीन महीने के भीतर ब्रास, कॉपर, एल्युमिनियम और जिंक के दामों में 50 रुपये से लेकर 250 रुपये तक बढ़ोतरी हुई है। तीन महीने पहले ब्रास 500 रुपये, कॉपर 850 रुपये , जिंक 180 रुपये और एल्युमिनियम 190 रुपये प्रति किलो था। अब ब्रास की कीमत 640 रुपये, कॉपर की कीमत 1100 रुपये, जिंक की कीमत 250 रुपये और एल्युमिनियम की कीमत 240 रुपये प्रति किलो पहुंच गई है।



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बर्तन कारोबारी बोले......

- तीन महीने में बर्तनों के कच्चे माल के दाम 30 से 40 प्रतिशत तक बढ़े हैं। इसका सीधा असर बाजार पर है। दरों में स्थिरता नहीं होने से क्रेता और विक्रेता दोनों उलझन में हैं। - अरविंद अग्रवाल जॉनी, प्रदेश अध्यक्ष, उत्तर प्रदेश संयुक्त व्यापार मंडल



- बर्तन व्यापार में तेजी से गिरावट आई है। 20 प्रतिशत तक व्यापार कम हो गया है। कच्चे माल के बढ़ते दामों ने बर्तन व्यापारियों की कमर तोड़ दी है। आगे बर्तन का कारोबार कैसे चलेगा, कुछ समझ में नहीं आ रहा है। - सुनील अग्रवाल, महानगर महामंत्री, उत्तर प्रदेश संयुक्त व्यापार मंडल





- तीन महीने में कच्चे माल की महंगाई ने बर्तन कारोबार को झटका दिया है। हालात ऐसे हैं कि दिन भर में गिनचुने ग्राहक आने का ही औसत है। पूरे कारोबार पर खासा असर पड़ रहा है।-मुदित अग्रवाल, संचालक, गोपीनाथ एंड संस





- बर्तन व्यापार की रौनक तेजी से खत्म हो रही है। कच्चे माल की महंगाई से कीमतें बढ़ने के कारण बर्तन के खरीदार घटे हैं। इससे फैक्टरियों से माल लेने वाले बर्तन व्यापारियों की दूरी भी बढ़ रही है। -परविंदर सिंह,संचालक, तारा मेटल, गुलाबबाड़ी
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