दुष्कर्म पीड़िता ने एसएसपी कार्यालय में प्रार्थना पत्र देकर केस की विवेचना किसी दूसरे विवेचक या किसी अन्य थाने से कराने की मांग की है। पीड़िता का कहना है कि केस दर्ज होने के पांच माह बाद भी चार्जशीट कोर्ट में दाखिल नहीं की गई है।
मझोला थानाक्षेत्र में रहने वाली एक महिला ने मार्च 2021 को अपने पति, सास, ससुर और देवर के खिलाफ केस दर्ज कराया था।
जिसमें महिला ने आरोप लगाया कि उसके पति के किसी दूसरी महिला से संबंध हैं। देवर और ससुर इसका फायदा उठाकर महिला के साथ गलत कार्य करना चाहते हैं। महिला ने आरोप था कि वह एक दिन घर में अकेली थी। ससुर उसके कमरे में घुस आए और उसके साथ दुष्कर्म किया।
दुष्कर्म पीड़िता ने एसएसपी कार्यालय में प्रार्थना पत्र देकर केस की विवेचना किसी दूसरे विवेचक या किसी अन्य थाने से कराने की मांग की है। पीड़िता का कहना है कि केस दर्ज होने के पांच माह बाद भी चार्जशीट कोर्ट में दाखिल नहीं की गई है।
विरोध करने पर उसे जान से मारने की धमकी दी। पीड़िता ने बताया कि विवेचक ने इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की है। पीड़िता ने इस मामले की शिकायत मुख्यमंत्री और डीजीपी को ट्वीट कर की है। एसएसपी कार्यालय में प्रार्थना पत्र देकर केस की विवेचक दूसरे विवेचक या दूसरे थाने से कराने की मांग की।
केस की विवेचक संध्या रावत का कहना है कि केस की विवेचना जारी है। जल्द ही इस मामले में चार्जशीट लगाई जाएगी। जांच में महिला के कुछ आरोप गलत पाए गए हैं। डिप्टी एसपी इंदु सिद्घार्थ का कहना है कि चेक कराया जाएगा कि अभी तक केस में चार्जशीट क्यों दाखिल नहीं की गई है।