वादी भी अपने बयान से मुकरा
दुष्कर्म के मुकदमे में पीड़िता के पिता ने आरोपी को बचाने के लिए अपने बयान से मुकर गया। जिसने अपने बयानों में अदालत को बताया था कि उसकी खेत पर आरोपी याक़ूब से बात हुई थी। जिसके बाद याक़ूब मेरे घर गया था या नहीं मुझे नहीं मालूम क्योंकि उस समय वह घर पर नहीं था। और न ही पीड़िता ने दुष्कर्म की घटना उसे बताई थी।
गांव वालों ने सादे कागज पर उसका अंगूठा लगा लिया था जिसमें लिखी बात भी उसे बाद में पड़ कर नहीं सुनाई गई थी। जबकि मुकदमे की पीड़िता न्याय पाने के लिए अदालत में डटी रही उसने अदालत को सारी घटना की जानकारी दी। जिसने अदालत को बताया कि याक़ूब ने ही उसके साथ दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया था।
तीन साल के बाद मिला पीड़िता को इंसाफ
मुकदमे की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में 31 अगस्त 2021 से आरम्भ हुई थी। जिसके बाद आरोपी के ऊपर आरोप तय किए गए। पांच गवाह पेश किए गए जिसमें पीड़िता के पिता और पीड़िता के अलावा चिकित्सक और पुलिसकर्मियों की गवाही अदालत में हुई थी। चिकित्सक की गवाही मे दुष्कर्म की घटना की पुष्टि हो गई थी। पीड़िता ने कानून का सहारा लेते हुए दुष्कर्मी युवक की उसके अंजाम तक पहुँचा दिया था।