मुरादाबाद में मुठभेड़ के दाैरान पकड़े गए बदमाश
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खाड़ी देशों से सोना तस्करी और इससे एक सप्ताह पहले पाकिस्तानी कनेक्शन सामने आने के बाद रामपुर का टांडा फिर सुर्खियों में आ गया है। पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के लिए जासूसी करने के आरोप में यूपी एटीएस ने टांडा निवासी शहजाद को गिरफ्तार किया था।
मसालों के व्यापार की आड़ में वह सीमा पार तस्करी और जासूसी गतिविधियों में शामिल था। बीते कुछ महीनों से कस्बे और आसपास के क्षेत्रों से जुड़े युवकों के खिलाफ गंभीर आरोपों में एटीएस और अन्य खुफिया एजेंसियों की कार्रवाई लगातार तेज हो गई है।
पाकिस्तान के लिए जासूसी, धर्मांतरण और आतंकी फंडिंग जैसे गंभीर मामलों में कस्बे के कई युवकों के नाम सामने आ चुके हैं। अब ताजा मामला सोना तस्करी का है। इस मामले में छह युवकों को गिरफ्तार किया गया है।
इसमें से चार तस्करों के पेट से सोने के 29 कैप्सूल निकाल निकाले हैं। पुलिस के अनुसार एक किलो से ज्यादा का सोना बरामद किया गया है। कस्टम विभाग के अधिकारियों की टीम भी तस्करों से पूछताछ कर रही है।
रामपुर की टांडा पुलिस चाैकी
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इसमें टांडा बादली निवासी शाने आलम, मुतल्लवी, अजहरुद्दीन और जुल्फेकार का नाम सामने आया है। आईएसआई के लिए जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया शहजाद सीमा पार संदिग्ध गतिविधियों में शामिल था। एटीएस की जांच में यह भी सामने आया है कि वह कई बार पाकिस्तान भी गया और वहां आईएसआई एजेंटों से संपर्क में रहा।
मुरादाबाद पुलिस की हिरासत में सोना तस्करी के आरोपी
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धर्मांतरण मामले में गुजरात पुलिस ने मारा था छापा
शहजाद की गिरफ्तारी से पहले भी टांडा सुर्खियों में आ चुका है। 2021 के अगस्त में गुजरात पुलिस की एक टीम ने धर्मांतरण मामले में टांडा निवासी मोहम्मद अहमद को रात में छापा मारकर घर से उठा लिया था। यह मामला उमर गौतम और सलाउद्दीन शेख से जुड़ा था, जिन पर अवैध धर्मांतरण और दंगों में शामिल आरोपियों को कानूनी मदद देने के लिए धर्मार्थ फंड के दुरुपयोग का आरोप था।
आरोपियों से बरामद सोना
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गुजरात पुलिस के अनुसार, टांडा निवासी मोहम्मद अहमद के खिलाफ वडोदरा में दर्ज मामले में सबूत मिलने के बाद उसे हिरासत में लिया गया। दिलचस्प बात यह है कि इसी युवक को साल 2021 के जून माह में एटीएस ने भी उठाया था और उससे लगभग दस दिन तक पूछताछ की थी।
सोना तस्करी की आरोपियों के घरों में छाई वीरानी
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पाकिस्तानी कनेक्शन में अनस की भी हुई थी गिरफ्तारी
टांडा क्षेत्र के ही गांव मुतीयापुरा निवासी युवक अनस को जम्मू-कश्मीर पुलिस ने साल 2021 अक्टूबर में पाकिस्तानी हैंडलर्स को भारत के धार्मिक स्थलों की जानकारी भेजने में गिरफ्तार किया था। अनस की गिरफ्तारी की खबर सुनते ही गांव में सन्नाटा छा गया और परिजन युवक के बारे में जानकारी जुटाने के लिए भटकते रहे। परिजनों ने बताया था कि उनकी आर्थिक स्थिति खराब है और वह जम्मू जाकर जानकारी नहीं जुटा पा रहे। वहीं, गांव के लोग युवक की संलिप्तता से इनकार कर रहे थे।
पाकिस्तान के लिए जासूसी के आरोप में पकड़ा गया शहजाद
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नोटों की तस्करी के बाद सोना तस्करी से टांडा सुर्खियों में
लंबे समय से सोना तस्करी के लिए बदनाम टांडा पुराने नोट बरामद होने के बाद फिर चर्चा में आ गया था। बीस मई को मुरादाबाद पुलिस ने 1.5 करोड़ रुपये के बंद हो चुके पुराने नोटों के साथ टांडा क्षेत्र के गांव मदारी की मड़ैया निवासी मोहम्मद रियाज और मोहम्मद यासीन समेत तीन को गिरफ्तार किया था।
मुरादाबाद पुलिस ने पकड़े पूराने नोट
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रियाज दिव्यांग और बेरोजगार है, जबकि यासीन गाड़ी चलता है। उसी की गाड़ी का इस्तेमाल नोट बदलने के अवैध कारोबार में किया जा रहा था। टांडा के दो युवकों की नोटों की तस्करी में गिरफ्तारी होने से क्षेत्र की सुरक्षा और कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मुरादाबाद में सोना तस्करी
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खुफिया एजेंसियों के अनुसार, टांडा के कई लोग मजदूरी के बहाने सऊदी अरब और दुबई जाकर सोना अवैध रूप से भारत लाते हैं। सोना छोटी-छोटी गोलियों के आकार में बनाकर पेट में छिपाकर लाया जाता है। कई बार तस्करों के पेट से सोना निकालने के लिए ऑपरेशन भी हुए हैं, जिनमें एक युवक की मौत भी हो चुकी है।
मुरादाबाद में सोना तस्करी
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पिछले कुछ वर्षों में टांडा से मुंबई, दिल्ली, लखनऊ जैसे बड़े शहरों में सोना तस्करी का जाल फैला हुआ है। तस्कर पुलिस और जांच एजेंसियों को चकमा देने के लिए लगातार नए-नए तरीके अपनाते रहे हैं। अब नोटों की तस्करी के मामले ने टांडा की छवि को और धूमिल कर दिया है।
मुरादाबाद में मुठभेड़ के दाैरान पकड़े गए आरोपी
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इस तरह टांडा अब केवल सोना तस्करी के लिए ही नहीं, बल्कि नोटों की तस्करी और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े गंभीर मामलों के कारण भी विवादों में है। स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां इलाके में बढ़ती इन गैरकानूनी गतिविधियों पर कड़ी नजर बनाए हुए हैं।
UP: चार तस्कर... 29 कैप्सूल और 24 घंटे, तस्करों के पेट से निकाला एक किलो सोना; सभी को किया था अगवा