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आजम खान की बढ़ी मुश्किलें, हमसफर रिजॉर्ट की दीवार पर चली जेसीबी

Sat, 17 Aug 2019 03:18 AM IST
Prachi Priyam न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रामपुर
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हमसफर रिजॉर्ट की दीवार गिराते हुए जेसीबी - फोटो : अमर उजाला
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सिंचाई विभाग की जमीन कब्जाने के आरोप में सांसद आजम खां के पुत्र और स्वार टांडा विधायक अब्दुल्ला आजम खां के ‘हमसफर’ रिजॉर्ट पर शुक्रवार को बुलडोजर गरजा। करीब ढाई घंटे तक अवैध निर्माण ढहाने की कार्रवाई की गई। इसके बाद मलबा भी सिंचाई विभाग ने जब्त कर लिया और लालपुर बैराज के परिसर में रखवा दिया। इस दौरान रिजॉर्ट की ओर जाने वाले सभी मार्ग बंद कर दिए गए थे। किसी को भी मौके पर जाने की अनुमति नहीं दी गई।

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मामला ग्राम पसियापुरा शुमाली का है। यहां जौहर यूनिवर्सिटी रोड पर सांसद आजम खां का हमसफर रिसोर्ट है जो उनके विधायक बेटे अब्दुल्ला आजम खां के नाम पर है। इसको लेकर प्रशासन को पिछले दिनों शिकायत मिली थी कि रिजॉर्ट के निर्माण के समय सिंचाई विभाग की जमीन को भी शामिल कर लिया गया है। सिंचाई विभाग की यह जमीन नाले के निर्माण के लिए अधिग्रहीत की गई थी।

गाटा संख्या 129 में दर्ज जमीन पर यह नाला बनाया गया था। शिकायत थी कि इस नाले को ही रिजॉर्ट परिसर के भीतर कर लिया गया और सिंचाई विभाग की जमीन कब्जा ली गई। शिकायत पर प्रशासन ने पूरे मामले की जांच कराई जिसमें सामने आया कि हमसफर रिजॉर्ट में सिंचाई विभाग की जमीन को भी दबाया गया है।
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चारदीवारी बना ली गई है, जिससे नाले का प्रयोग नहीं हो पा रहा है। इसके बाद जिलाधिकारी आंजनेय कुमार सिंह ने सिंचाई विभाग के अफसरों को तलब कर लिया। साथ ही सिंचाई विभाग को हमसफर रिजॉर्ट को नोटिस जारी करने के निर्देश जारी किए, इसके बाद सिंचाई विभाग ने 29 जुलाई को विधायक अब्दुल्ला आजम खां को नोटिस जारी कर दिया। धारा 70 के तहत जारी इस नोटिस में नाले की जमीन को कब्जा मुक्त करने के लिए कहा गया था। 

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नोटिस का जवाब भी दिया गया, जिसमें नाले पर कब्जे को लेकर तो कोई बात नहीं कही गई, बल्कि अफसरों को गुमराह करने का प्रयास किया गया। इसके बाद शुक्रवार को सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता नवीन कुमार, उप जिलाधिकारी सदर प्रेमप्रकाश तिवारी तमाम अफसरों के साथ मौके पर पहुंच गए। यहां रिसोर्ट की तरफ जाने वाले सभी मार्गों को पुलिस ने सील कर दिया, जिसके बाद मौके पर किसी को भी नहीं जाने दिया गया।

बुलडोजर से रिसोर्ट के पिछले हिस्से की दीवार तोड़ने का काम शुरू हुआ। करीब एक हजार वर्ग मीटर जमीन को कब्जा मुक्त कराया गया। ढाई घंटे चली इस कार्रवाई के बाद दीवार का मलबा भी सिंचाई विभाग ने अपने कब्जे में ले लिया और मलबा जब्त करने के बाद लालपुर बैराज के परिसर में रखवा दिया।

दीवार के मलवे में निकलीं पुरानी ईंटें, डीएम ने बैठाई जांच 

रिजॉर्ट जिस दीवार को तोड़कर कब्जा मुक्त कराया गया है, उसमें पुरानी ईंटें निकली हैं। इसके बाद अफसरों ने मौके से कुछ ईंटों को एकत्र कर सील कर दिया। अब इन ईंटों की जांच होगी। अफसरों की मानें तो यह ईंटें किसी पुरानी इमारत को तोड़कर लाई गई हैं। इसी के चलते जिलाधिकारी ने स्टेंडिंग कमेटी को ईंटों की जांच का जिम्मा सौंपा है। 

सिंचाई विभाग ने नाला बनाने के लिए जमीन खरीदी थी। जिन किसानों से यह जमीन खरीदी थी, उन्हीं से अब्दुल्ला आजम खां ने जमीन खरीदी थी। उन्होंने रिजॉर्ट की चहारदीवारी में ही नाले को कब्जा लिया। नोटिस का भी सही जवाब नहीं मिला, जिसके बाद नाले को कब्जा मुक्त करा दिया है। अवैध निर्माण को तोड़कर मलवा जब्त कर लिया गया है- नवीन कुमार, अधिशासी अभियंता, सिंचाई विभाग, रामपुर
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