चिकित्सा अधीक्षक की कुर्सी पर बैठना निंदनीय
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र स्वार में विधायक के पुत्र का चिकित्सा अधीक्षक की कुर्सी पर बैठने और स्टाफ को निर्देश देने के मामले की अंतरराष्ट्रीय हिन्दू परिषद के जिला अध्यक्ष आदेश शंखधार ने निंदा करते हुए इसे सत्ता का दुरुपयोग बताया है और उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।
उन्होंने कहा कि स्वार-टांडा विधानसभा क्षेत्र से विधायक के पुत्र द्वारा सीएचसी स्वार में इस प्रकार का व्यवहार करना अत्यंत आपत्तिजनक है। उन्होंने सवाल उठाया कि स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण करने और स्टाफ को निर्देशित करने का अधिकार उन्हें किसने दिया।
उनके अनुसार, यह कृत्य न केवल प्रशासनिक मर्यादाओं के खिलाफ है, बल्कि इससे स्वास्थ्य व्यवस्था की गरिमा भी प्रभावित होती है। उन्होंने कहा कि इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए और दोषी पाए जाने पर उचित कार्रवाई होनी चाहिए।
स्वार सीएचसी से जुड़े प्रोटोकॉल मामले की जांच के लिए विभागीय टीम गठित कर दी गई है। टीम पूरे घटनाक्रम की जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। रिपोर्ट के आधार पर यदि कोई लापरवाही पाई जाती है तो विभागीय कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. दीपा सिंह, सीएमओ
विधायक पुत्र के सीएचसी निरीक्षण पर सियासत तेज
नरपतनगर नगर पंचायत अध्यक्ष खालिद अली ने सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया दी है, जिसमें विधायक के पुत्र की ओर से सीएचसी का निरीक्षण करने के दौरान सीएचसी अधीक्षक की कुर्सी पर बैठने और पुलिस प्रोटोकॉल के उल्लंघन का मामला सामने आया है।
उन्होंने इसे नियमों के खिलाफ बताते हुए प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं। खालिद अली ने कहा कि विधायक की सुरक्षा में लगे कर्मियों का दुरुपयोग किया जा रहा है, जो गंभीर विषय है। उनका आरोप है कि बिना किसी अधिकृत पद के इस तरह अस्पताल का निरीक्षण करना और अधिकारियों की कुर्सी पर बैठना न सिर्फ अनुचित है बल्कि यह प्रशासनिक मर्यादाओं का भी उल्लंघन है।
उन्होंने सीएचसी अधीक्षक के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि ऐसे मामलों में जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा कि इस पूरे प्रकरण से विधायक और प्रशासन दोनों की छवि हास्यास्पद बन रही है। कहा कि गठबंधन सरकार के विधायक को अपने पुत्र को इस तरह की खुली छूट नहीं देनी चाहिए,इससे सरकारी तंत्र की गरिमा प्रभावित हो रही है।