मूंढापांडे में बृहस्पतिवार सुबह दिल्ली हाईवे पर हुए हादसे में मात्र 30 सेकेंड में पांच जिंदगियां खत्म हो गईं। इस हादसे को जिसने भी देखा, वह अब भी उस पल को भूल नहीं पा रहा है। सर्विस रोड किनारे वर्कशॉप संचालक जितेंद्र ने बताया कि आठ बजे का वक्त था। मैं वर्कशॉप खोल रहा था।
हरदोई से मजदूरों को लेकर पंजाब जा रही एक बस आगे चल रहे ट्रैक्टर ट्रॉली को बचाने के चक्कर में डिवाइडर पर चल गई थी। इसके बाद बस पलटकर दूसरी साइड में पहुंच गई थी। इसी दौरान मुरादाबाद से रामपुर जा रहे थे।
टैंकर ने बस में टक्कर मार दी थी। जिससे बस रेलिंग तोड़कर फ्लाईओवर से नीचे गिर गई थी। इसी दौरान एक बाइक भी बस की चपेट में आ गई थी। जिसमें दो लोगों की मौत हो गई थी।
हाजी अशरफ अली और उनके तीन बेटों की सड़क हादसे में हुई मौत से हर तरफ गम का माहौल है। पोस्टमार्टम के बाद चारों शव हालांकि शाम के समय ही घर पहुंच गए थे, लेकिन नक्शे अली और आरिफ की पत्नियों व बच्चों के इंतजार में उनका दफन नहीं हो सका।
बाप-बेटों को शुक्रवार की सुबह 10 बजे पैतृक कब्रिस्तान में सुपुर्द ए खाक किया जाएगा। नक्शे अली और आरिफ विवाहित थे और परिवार के साथ सूरत में ही रह रहे थे, जहां उनका कोट-पैंट की सिलाई का कारखाना है।
मां-बाप के हज से आने की खुशी मनाने के लिए दोनों भाई कुछ दिन पहले ही आये थे, लेकिन पत्नी व बच्चे सूरत में थे। बृहस्पतिवार को हादसे में मौत की खबर मिलते ही दोनों की पत्नियां फ्लाइट पकड़ कर रवाना हुईं।
साथ में बच्चे भी हैं। साढ़े आठ बजे उनकी फ्लाइट दिल्ली पहुंची। दिल्ली से स्वार का सफर कम से कम चार-साढ़े चार घंटे का है। देर रात में उनके घर पहुंचने की संभावना है। जिसके बाद जनाजों को सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा।