मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय में छापेमारी, सांसद आजम खां के अपमान और विधायक अब्दुल्ला आजम खां की गिरफ्तारी के विरोध में पूरे प्रदेश के समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को रामपुर में प्रदर्शन का एलान किया था। इसको देखते हुए पुलिस ने भी कड़े इंतजाम किए थे। सुबह से ही जिले की सभी सीमाएं सील कर दी गईं। दिनभर नोकबंदी रही। रामपुर की ओर आने वाले वाहनों की तलाशी ली गई। पुलिस प्रशासन की इसी सख्ती के चलते दूसरे जनपदों के सपा कार्यकर्ता रामपुर नहीं पहुंच पाए।
बुधवार को जौहर यूनिवर्सिटी में पुलिस प्रशासन की छापेमारी के बाद गिरफ्तार किए गए सांसद आजम खां पुत्र स्वार-टांडा विधायक अब्दुल्ला आजम खां के बाद समाजवादी पार्टी की ओर से रामपुर में बड़े विरोध प्रदर्शन का एलान किया गया था। खुद सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आसपास के जिलों के कार्यकर्ताओं को रामपुर पहुंचने का फरमान दिया था। ऐसे में आशंका थी कि बड़ी तादाद में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता रामपुर आएंगे।
लिहाजा, पुलिस प्रशासन की ओर से सुरक्षा के तमाम इंतजाम कड़े किए गए। आसपास के जिलों की फोर्स बुला ली गई। सुबह से ही शहर की सीमाएं सील कर दी गईं। मिलक, स्वार टांडा, बिलासपुर, शाहबाद, कोसी पुल पर फोर्स तैनात कर दी गई। किसी भी वाहन को बिना चेकिंग के रामपुर की ओर नहीं आने दिया गया। इसके अलावा सपा के तमाम नेताओं को उनके जिलों से ही पुलिस ने आगे नहीं बढ़ने दिया। शाम तक दूसरे जिले का एक भी सपा नेता रामपुर नहीं पहुंच सका। यहां तक कि रामपुर जिले के ही नेता अपने घरों से निकलकर नहीं आ सके। इसके साथ ही तमाम अफसर लगातार भ्रमण पर रहे।
आईजी ने किया रामपुर में कैंप
सपाइयों के धरने प्रदर्शन के एलान को लेकर आईजी रमित शर्मा गुरुवार को रामपुर में कैंप किए रहे। उन्होंने अधिकारियों से पल-पल की घटना की जानकारी ली। आईजी ने बताया कि जिले में धारा-144 लागू है। कानून-व्यवस्था बिगड़ने ना पाए इसको लेकर पुलिस पूरी तरह से मुस्तैद रही। दूसरे जनपदों से आने वाले लोगों को वहीं पर रोक दिया गया।