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शहरी आबादी के पास तक पहुंचने लगा रामगंगा का पानी

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रामगंगा का जलस्तर बढ़ने से इस्लामनगर रोड पर पानी आने से रोड कटने लगा
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मुरादाबाद। पिछले कई दिन से रामगंगा के बढ़ते जलस्तर ने गांवों के बाद अब शहर के करीब दस्तक देनी शुरू कर दी है। शहर की जामा मस्जिद क्षेत्र के रसूलपुर, बरबलान और कांठ रोड स्थित रामगंगा विहार कॉलोनी के पीछे स्थित मोक्षधाम की दीवार तक नदी का पानी पहुंच गया है। काशीपुर बाईपास हाईवे पर इस्लामनगर के पास सोमवार को दूसरे दिन भी पानी तेज रफ्तार में बहता रहा। काफियाबाद, हृदयपुर समेत करीब दो दर्जन गांव के चारों ओर पानी भर जाने से लोगों को बाढ़ की आशंका सताने लगी है। पिछले 24 घंटे में नदी का जल स्तर 14 सेंटीमीटर बढ़ गया है। जल स्तर बढ़ने की अगर यही रफ्तार रही तो मंगलवार दोपहर तक नदी खतरे के निशान 198.60 गेज मीटर को पार कर लोगों के लिए दिक्कत पैदा कर सकती है।
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पिछले दिनों पहाड़ों और क्षेत्र में हुई बारिश के बाद से ही कालागढ़ डैम और खो बैराज से अतिरिक्त पानी रिलीज किए जाने के बाद से ही रामगंगा का जल स्तर लगातार बढ़ता जा रहा है। बीते 24 घंटे में नदी का जलस्तर 14 सेंटीमीटर बढ़कर 190.40 मीटर पर पहुंच गया। इसके चलते नदी यहां खतरे के निशान से मात्र 20 सेंटीमीटर नीचे रह गई है। नदी का जलस्तर अगर इसी रफ्तार से बढ़ता रहा तो मंगलवार दोपहर बाद नदी खतरे के निशान को पार कर सकती है। इससे लोगों को और दिक्कत हो सकती है।
नदी के बढ़ते इस जलस्तर से उफनाई रामगंगा का पानी वैसे तो तीन दिन पहले ही ग्राम हृदयपुर के करीब पहुंच गया था, लेकिन अब यह पानी गांव के चारों ओर भरने के साथ ही इस गांव के साथ-साथ पड़ोसी गांव घोसीपुरा, सैफपुर पल्ला, खरकपुर बाजे, लोधीपुर बासु, इस्लामनगर, काफियाबाद, भीकनपुर समेत करीब दो दर्जन गांवों के किसानों की लहलहाती धान, गन्ने, बाजरा आदि की फसलों में भर गया है। जिससे उनकी फसल नष्ट होने लगी है।
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ग्रामीणों ने की मुआवजे की मांग
ग्राम हृदयपुर और घोसीपुरा निवासी हरपाल सिंह, राधेश्याम, महीपाल सिंह, गौरव, समरपाल सिंह, मदनपाल सिंह और शिवकुमार ने बताया कि नदी के पानी में ग्रामीणों की सैकड़ों एकड़ धान, गन्ना, उड़द के साथ-साथ कुछ किसानों द्वारा बोई गई कद्दूवर्गीय सब्जी की फसल में पिछले कई दिनों से बाढ़ का पानी भरा हुआ है। इससे फसल न सिर्फ पीली पड़ने लगी है बल्कि जड़ें कमजोर हो गई हैं। इससे फसल गिर कर नष्ट होने लगी है। ग्रामीणों ने डीएम को पत्र भेज कर पानी से बर्बाद हुई फसल का सर्वे करा मुआवजा देने की मांग की है।
बाढ़ खंड के ईई का दावा, घटेगा जल स्तर
बाढ़ खंड के अधिशासी अभियंता मनोज कुमार ने बताया कि कालागढ़ बैराज और खो बैराज से करीब 18 हजार क्यूसेक पानी रामगंगा में रिलीज किया जा रहा है, जो पिछले दो दिनों की अपेक्षा करीब आधा है। ऐसे में मंगलवार को नदी का जलस्तर घट सकता है।
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