मुरादाबाद। रामगंगा नदी के किनारे ट्रंचिंग ग्राउंड पर कूड़े के ऊंचे होते पहाड़ पर्यावरण की दृष्टि से बड़ी समस्या हैं। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल की अनुश्रवण समिति के अध्यक्ष और रिटायर्ड जज अरुण टंडन की सख्त टिप्पणी की है कि किसके आदेश पर नदी किनारे कूड़ा डाला जा रहा है। बावजूद इसके नगर निगम के पास कूड़े के विशाल होते पहाड़ों को कम करने का ठोस उपाय नहीं है।
नदी के किनारे से सिर्फ डेढ़ सौ मीटर की दूरी पर प्रत्येक महीने करीब 18 हजार मीट्रिक टन से अधिक कूड़ा गाड़ियों के जरिए पहुंचाया जा रहा है। इसमें आग लगने के बाद महीनोें खतरनाक धुआं पर्यावरण को नुकसान पहुंचाता है। कूड़े के डंपिंग जोन से निकलने वाले पानी में खतरनाक केमिकल होते हैं। नदी तक पहुंचने पर यह केमिकल पानी को प्रदूषित कर सकते हैं।
प्लांट लगाने के तीन उपाय, जो काम न आए
नगर निगम ने ट्रंचिंग ग्राउंड से कूड़े के पहाड़ कम करने के लिए तीन तरह के प्लांट लगाने की कोशिशें की हैं। लेकिन एक भी प्लांट धरातल पर नहीं लाया जा सका।
नंबर एक :
चार काम्पेक्टर से बारीक टुकड़ों में तब्दील होना था कूड़ा
रामलीला ग्राउंड, खुशहालपुर, संभल रोड पर करुला और कांठ रोड पर मोक्षधाम के पास चार काम्पेक्टर नगर निगम को लगाने थे। 100 मीट्रिक टन क्षमता वाले इन काम्पेक्टर में सूखे कूड़े को बारीक टुकड़ों में तब्दील करके वस्तुएं बनाने में उपयोग करना था। ये प्लांट नहीं लगाए जा सके।
नंबर दो :
सॉलिड वेस्ट प्लांट नहीं चला
ट्रंचिंग ग्राउंड पर सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के लिए मशीनरी 2009 में ए टू जेड कंपनी ने संचालित किया था। लेकिन पूरी तरह सफलता नहीं मिली। हरीभरी कंपनी भी चंद महीने में मैदान छोड़ गई। अब सॉलिड वेस्ट प्लांट की मशीनरी कबाड़ बनती जा रही है।
नंबर तीन :
वेस्ट टू एनर्जी प्लांट भी अधर में लटका
फरवरी 2019 में सिंगापुर की कंपनी डॉटर्स प्राइवेट लि. के साथ अनुबंध किया गया। तीन एकड़ जमीन पर प्लांट लगाकर कंपनी को कूड़े से सस्ती दरों पर बिजली बनानी थी। कंपनी ने कूड़ा हटाने का काम शुरू किया, लेकिन बीच में ही रोक दिया। अब निगम नोटिस दर नोटिस जारी कर रहा है।
कूड़ा निस्तारण नहीं होने का असर :
स्वच्छता सर्वेक्षण 2020 में नगर निगम अंडर 100 रैकिंग में आने की कोशिश कर रहा है। लेकिन पिछले दो सर्वे में रैकिंग अंडर 200 ही आ सकी है। रैकिंग निर्धारण में कचरा ही मुरादाबाद को फिसड्डी साबित करा रहा है।
हमारी प्राथमिकता में कूड़ा निस्तारण है। विभाग कोशिश कर रहा है कि प्रत्येक दशा में कूड़ा निस्तारण सुनिश्चित कराया जा सके। - संजय चौहान, नगर आयुक्त