शहर के करीब बहने वाली रामगंगा का जलस्तर बुधवार शाम 189.51 मीटर दर्ज किया गया। नदी यहां चेतावनी निशान से अब नौ मीटर नीचे पहुंच गई है। वहीं कोसी नदी के उफनाने से मूंढापांडे क्षेत्र की सड़कों पर आया पानी भी तेजी के साथ उतरने लगा है। पिछले 24 घंटे में 22 हजार क्यूसेक पानी घट गया है। इसकी वजह इस नदी में अब सिर्फ आठ हजार क्यूसेक पानी बह रहा है।
अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) सत्यम मिश्र ने सदर तहसील के मूंढापांडे विकासखंड अंतर्गत आने वाले बाढ़ प्रभावित ग्राम भीलखेड़ा, दुपेड़ा, रनियाठेर, हीरापुर, हरपाल नगर, गदई खेड़ा, ब्लॉक मूंढापांडे तहसील सदर का निरीक्षण किया। बाढ़ चौकी व राहत कैंप को भी देखा। एडीएम ने ग्रामीणों से वार्ता की। साथ ही बाढ़ के पानी उन्हें दूर रहने के प्रति जागरूक किया। एडीएम ने बताया कि बाढ़ का पानी अभी जिले के किसी भी आबादी में नहीं आया है। सिर्फ कुछ मार्गों पर उफनाई नदी का पानी आ गया था। जो तेजी के साथ घटने लगा है। एडीएम ने तैनात टीमों को अलर्ट मोड में रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि सभी टीमें लगातार भ्रमण कर ग्रामीणों को जागरूक करती रहें। बाढ़ का पानी बढ़ने पर बैरियर लगाकर ग्रामीणों को रोकने का कार्य किया जाएगा। मौके पर मेडिकल टीम को हरपालपुर के लिए रवाना किया किया गया। निरीक्षण के दौरान उप जिलाधिकारी सदर एवं संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
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