मुरादाबाद। भैया, डैम से पानी छूटने वाला है क्या... कब आएगा। हर बरस कालागढ़ डैम से रामगंगा नदी में पानी आने के बाद अपना गांव डूबता है। फिर छतों पर सामान चढ़ाते हैं.. वहीं चूल्हा जलाते हैं। पानी ठहर जाए तो रिश्तेदारों के घरों में आसरा लेते हैं। एक बारगी फिर नदी में पानी चढ़ आया है। नदी का तेज बहाव गांव के लोगों को डराता हैं। देवापुर गांव के 61 वर्षीय रामचंद्र सैनी यह कहते हुए नदी की तरफ देखने लगते हैं। यह उम्मीद नहीं है बल्कि लोगों के दिलों में बसी दहशत से निकल रहे अल्फाज हैं।
उन्होंने बताया कि 2004 में देवापुर गांव रामगंगा नदी के किनारे ही बसा हुआ था। नदी में बाढ़ आने के बाद होने वाले जानमाल के नुकसान को देखते हुए गांव तीन बार विस्थापित हो चुका है। मौजूदा समय में नदी से करीब 700 मीटर पीछे गांव बसा हुआ है। लेकिन जब कालागढ़ डैम से नदी में पानी छोड़ा जाता है। तो देवापुर गांव के लोग इसकी जद में आ ही जाते हैं।
रामगंगा नदी में जलस्तर वृद्धि और बहाव में तेजी के बाद गांव के बाहर मिट्टी में कटान की बात भी ग्रामीणों ने बताई। उनके मुताबिक नदी के जलस्तर में लगातार बदलाव है। कभी अचानक पानी बढ़ता है, फिर नीचे गिरता भी है। लेकिन बारिश के जोर पकड़ने के बाद ग्रामीणों ने सामान समेटकर बाढ़ जैसे हालात से निपटने की तैयारी पूरी कर ली है।
चार गांव के लोग और आएंगे जद में
सिर्फ देवापुर ही नहीं, अका गांव, रफातपुरा, भैंसिया और इसलाख गांव के लोगों में भी नदी के बढ़े जलस्तर से लोग खौफजदा हैं। पानी बढ़ने के बाद इन गांवों के लोगों को घरौंदे छोड़कर जाना पड़ता है।
डैम में एक मीटर बढ़ा है जलस्तर
सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता नरेश कुमार के मुताबिक बीते चौबीस घंटे में कालागढ़ डैम में एक मीटर जलस्तर में वृद्धि दर्ज की गई है। शनिवार सुबह आठ बजे जारी रिपोर्ट में डैम के अंदर 336 मीटर जलस्तर नोट किया गया। रविवार को जारी रिपोर्ट में डैम के अंदर 337 मीटर जलस्तर नोट हुआ है। बीते चौबीस घंटों में 16 मिलीमीटर बारिश होने की जानकारी दी गई है।
गांव की आबादी करीब 4000 है। हर बार बाढ़ आने पर घरों में पानी घुसता है। प्रशासन की तरफ से बताया भी नहीं जाता है कि कब डैम में पानी छोड़ा जाना है। ताकि हम लोग पहले ही सामान समेट सके। - अफसर अली, देवापुर गांव
अब तो आदत सी हो चुकी है। बारिश होने के बाद रामगंगा नदी में पानी बढ़ गया है। किनारे की मिट्टी भी कटी है। पानी के स्तर में प्रतिदिन बदलाव आ रहा है। - अकील, देवापुर गांव