मुरादाबाद। रक्षाबंधन का पर्व इस बार विशेष शुभ संयोगों के बीच मनाया जाएगा। ज्योतिषीय गणना के अनुसार 28 अगस्त शुक्रवार को यह त्योहार पड़ रहा है। इस दिन भद्रा का साया नहीं रहेगा, जिससे बहनों को पूरे दिन राखी बांधने का अनुकूल समय मिलेगा।
इस वर्ष रक्षाबंधन शुक्रवार को है, जिसे मां लक्ष्मी और शुक्र ग्रह से जुड़ा दिन माना जाता है। रक्षाबंधन पर चंद्रमा की पूर्ण कलाओं में स्थिति पारिवारिक और भावनात्मक संबंधों के लिए शुभ मानी जा रही है। इन विशेष संयोगों के कारण इस बार का रक्षाबंधन अत्यंत फलदायी होगा। पंडित केदारनाथ मिश्र ने बताया कि भद्रा काल को राखी बांधने के लिए अशुभ माना जाता है। इस बार भद्रा सूर्योदय से पहले ही समाप्त हो जाएगी। इसलिए दिन में राखी बांधने में कोई व्यवधान नहीं आएगा। 28 अगस्त को सूर्योदय के बाद से पूरे दिन राखी बांधी जा सकती है। पंडित केदार नाथ मिश्रा ने यह जानकारी दी है।
शुभ योग और महत्व
इस रक्षाबंधन पर सुकर्मा, धृति और बुधादित्य जैसे मंगलकारी योग बन रहे हैं। ये योग पर्व के महत्व को और बढ़ा रहे हैं। भद्रा काल में राखी बांधने से परहेज किया जाता है। भद्रा का सूर्योदय से पहले समाप्त होना एक बड़ा शुभ संकेत है। यह स्थिति पूरे दिन को राखी बांधने के लिए अनुकूल बनाती है।
राखी बांधने का शुभ मुहूर्त
ज्योतिषाचार्य पंडित सुरेंद्र शर्मा का कहना है कि रक्षाबंधन के दिन 28 अगस्त को सूर्योदय के बाद से राखी बांधी जा सकती है। हालांकि, राखी बांधने के लिए एक विशेष शुभ मुहूर्त भी है। सुबह 5:57 बजे से 9:48 बजे तक का समय अत्यंत उत्तम रहेगा। इस अवधि में राखी बांधना अधिक फलदायी माना गया है।