मुरादाबाद। मंगलवार की बारिश ने शहर की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया। मुख्य सड़कें हों या कॉलोनियों की गलियां, हर तरफ जलभराव नजर आया। कई इलाकों में लोग घुटनों तक पानी से होकर निकलने को मजबूर हुए, जबकि लालबाग स्थित काली माता मंदिर की दीवार भरभराकर गिर गई। दीवार की चपेट में आकर बिजली का खंभा भी टूट गया। गनीमत रही कि हादसे के वक्त वहां कोई राहगीर नहीं था, वरना बड़ा हादसा हो सकता था।
बारिश शुरू होते ही शहर की जलनिकासी व्यवस्था जवाब देती दिखाई दी। रामलीला मैदान, डिप्टी गंज, दौलतबाग, बुध बाजार, लालबाग, जीएमडी रोड, मानसरोवर कॉलोनी, रामगंगा विहार, अशोक नगर, खुशहालपुर रोड, झब्बू का नाला, बुद्धि विहार, सिविल लाइंस, कोर्ट रोड, अवंतिका कॉलोनी, मझोला, विकास नगर और जयंतीपुर समेत कई इलाकों में सड़कें तालाब में बदल गईं। जगह-जगह पानी भरने से दोपहिया वाहन बंद पड़ गए, कारों की रफ्तार थम गई और पैदल चलना भी चुनौती बन गया। गलियों में भरे गंदे पानी से लोगों को घंटों जूझना पड़ा।
लालबाग स्थित काली माता मंदिर परिसर की दीवार तेज बारिश के दौरान अचानक ढह गई। दीवार गिरते ही श्मशान घाट मार्ग पर लगा बिजली का खंभा भी टूट गया, जिसके बाद एहतियातन इलाके की बिजली आपूर्ति रोकनी पड़ी। सूचना पर पहुंचे विद्युत निगम के कर्मचारियों ने नया खंभा लगाने का काम शुरू किया, जबकि मंदिर प्रशासन ने मलबा हटवाकर रास्ता खुलवाया। उधर, आशियाना कॉलोनी में सड़क धंसने से दुर्घटना का खतरा बढ़ गया। बारिश थमने के काफी देर बाद तक कई इलाकों में पानी जमा रहा। लोगों का कहना है कि हर बारिश के साथ यही हाल दोहराया जाता है और घर से बाजार तक का छोटा सफर भी परेशानी का कारण बन जाता है।
महज 50 मिनट में खत्म हुआ जलभराव, मुख्य सड़कों पर यातायात सामान्य
मंगलवार को हुई तेज बारिश के दौरान शहर की प्रमुख सड़कों पर जलभराव की स्थिति बनने के बाद नगर निगम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए करीब 50 मिनट में पानी की निकासी कर यातायात सामान्य होने का दावा किया। नगर निगम के अनुसार, बारिश शुरू होते ही पंपिंग मशीनें, सुपर सकर मशीनें और फील्ड स्टाफ को प्रभावित क्षेत्रों में भेज दिया गया। जलभराव की सूचना मिलते ही पंपों के जरिए पानी निकासी का काम शुरू किया गया।
नगर निगम का कहना है कि सुबह करीब 11:35 बजे बुध बाजार समेत अन्य सड़कों पर जलभराव की स्थिति बनी थी, जिसे दोपहर 12:25 बजे तक अधिकांश प्रभावित क्षेत्रों से समाप्त कर दिया गया। इसके बाद सड़कों पर यातायात सामान्य हो गया, जिससे राहगीरों, व्यापारियों, विद्यार्थियों और कार्यालय आने-जाने वाले लोगों को राहत मिली। नगर आयुक्त दिव्यांशु पटेल का कहना है कि मानसून के दौरान 24 घंटे निगरानी रखी जा रही है और जलभराव की सूचना मिलते ही टीमें तत्काल मौके पर पहुंचकर कार्रवाई करेंगी।
लोगों के कोट्स (फोटो)
सड़क और नाली का अंतर ही खत्म हो गया। बच्चों को स्कूल और लोगों को दफ्तर जाने में भारी परेशानी हुई। पानी इतना भर गया कि कई घरों के बाहर निकलना भी मुश्किल हो गया।
- विपुल भटनागर, बुध बाजार
हर बारिश में यही हाल होता है। दोपहिया वाहन बीच सड़क पर बंद हो गए। लोगों को धक्का लगाकर वाहन निकालने पड़े। पानी निकासी की व्यवस्था समय पर नहीं होने से परेशानी कई गुना बढ़ जाती है।
- प्रशांत गर्ग, बुध बाजार
घुटनों तक पानी में होकर बाजार जाना पड़ा। बुजुर्ग और महिलाएं सबसे ज्यादा परेशान हुए। कई लोग फिसलते-फिसलते बचे। बारिश रुकने के बाद भी घंटों तक सड़क पर पानी जमा रहा।
- शैली, सिविल लाइंस
सड़क धंसने से खतरा बढ़ गया है। पानी भरा होने के कारण गड्ढा दिखाई नहीं देता। वाहन चालक अचानक ब्रेक लगा रहे हैं। रात में यह स्थिति किसी बड़े हादसे की वजह बन सकती है।
- मदन लाल पुजारा, आशियाना
मुख्य सड़क पर जलभराव से दुकान तक पहुंचना मुश्किल हो गया। ग्राहक भी कम आए। थोड़ी देर की बारिश ने पूरे इलाके की आवाजाही प्रभावित कर दी और लोगों को घंटों परेशानी झेलनी पड़ी।
- अनुराग मसीह, सिविल लाइंस
जेल के पीछे अशोक नगर में बारिश के बाद हमेशा जलभराव होता है, हालांकि एक से डेढ़ घंटे बाद जलभराव खत्म हो गया लेकिन बारिश के दौरान लोगों को परेशानी हुई। पानी कई घरों में घुस जाता है।
- नवनीत खन्ना, अशोक नगर