मुरादाबाद। रामपुर रोड पर बस स्टैंड के सामने से लेकर डबल फाटक तक रेलवे की भूमि पर वर्षों से कारोबार कर रहे दुकानदारों ने अपनी दुकानों को हटाने के आदेश के बाद राहत की मांग की है। दुकानदारों ने विधान परिषद सदस्य डॉ. जयपाल सिंह व्यस्त को ज्ञापन देकर मामले में हस्तक्षेप की अपील की है। इस संबंध में उन्होंने शुक्रवार को एक बैठक का आयोजन भी किया।
दुकानदारों ने बताया कि वे पिछले करीब 50 वर्षों से रेलवे की भूमि पर छोटी-छोटी दुकानें चलाकर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे हैं। उनका कहना है कि हाल ही में रेलवे की ओर से दुकानें खाली करने की मुनादी कराई गई है। सप्ताह भर का समय दिया गया है, जिससे उनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। दुकानदारों का कहना है कि रेलवे बोर्ड की कई नीतियों में लंबे समय से रेलवे भूमि पर कारोबार कर रहे लोगों के लाइसेंस के नवीनीकरण का प्रावधान है। इसके बावजूद कई बार आवेदन और अनुरोध करने के बाद भी उनके लाइसेंस का नवीनीकरण नहीं किया गया। उनका दावा है कि वे लाइसेंस शुल्क जमा करने के लिए भी तैयार हैं, लेकिन उनकी बात नहीं सुनी जा रही।
यदि उन्हें इस स्थान से हटा दिया गया तो सैकड़ों परिवार बेरोजगार हो जाएंगे और उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो जाएगा। दुकानदारों ने एमएलसी से संबंधित विभाग और रेलवे अधिकारियों से वार्ता कर उनकी समस्या का समाधान कराने तथा लाइसेंस नवीनीकरण की प्रक्रिया पूरी कराने की मांग की है। बैठक में संयुक्त व्यापार मंडल के वरिष्ठ उपाध्यक्ष दीपक कत्याल, महासचिव भरत अरोड़ा, हरविंदर सिंह, राजकुमार श्रीवास्तव, रमेश अरोड़ा, अध्यक्ष संजय अरोड़ा, जगदीप सिंह आदि व्यापारी मौजूद रहे।
वहीं सीनियर डीसीएम महेश यादव का कहना है कि दुकानदारों को पूर्व में नोटिस दिए गए थे। रेलवे अपनी जमीन से कब्जा हटाना चाहता है, इसलिए जरूरत पड़ी तो कार्रवाई की जाएगी।