मुरादाबाद। बढ़ते कोरोना संक्रमण के बीच रेलवे ने विभिन्न स्टेशनों पर आइसोलेशन कोच दोबारा खड़े कर दिए हैं। 12 आइसोसोलेशन कोच मुरादाबाद से नजीबाबाद भेजे गए हैं। जबकि 10 कोच बरेली रेलवे स्टेशन पर तैयार खड़े हैं। रेलवे बोर्ड ने आपात स्थिति के लिए मंडल के अन्य बड़े स्टेशनों पर भी इस प्रकार के कोच तैयार रखने के निर्देश दिए हैं।
एक से डेढ़ माह पहले कोरोना संक्रमण की रफ्तार कम होने के कारण रेलवे बोर्ड ने आइसोलेशन कोचों को परिचालन सेवा में वापस लेने के लिए कहा था। ऐसे कोच जिनकी सेवा अवधि 18 वर्ष से कम थी उन्हें परिचालन में वापस लिया गया था। मुरादाबाद में खड़े कोच भी इसमें शामिल थे। अब संक्रमण को बढ़ता देख रेलवे एक बार फिर सतर्क हो गया है। कोरोना की दूसरी लहर में स्थिति इतनी गंभीर है कि कई शहरों के अस्पतालों में मरीजों को बेड तक नहीं मिल पा रहे हैं। ऐसे में रेलवे के ये आइसोलेशन कोच विकल्प के रूप में इस्तेमाल किए जा सकते हैं। रेलवे ने प्रत्येक कोच को तैयार करने में दो लाख रुपये खर्च किए हैं। इन कोचों में मरीजों को बेहतर चिकित्सा उपलब्ध कराने के लिए ग्लूकोस से लेकर आक्सीजन सिलिंडर तक मौजूद हैं। फिलहाल मुरादाबाद में इस प्रकार के आठ कोच उपलब्ध हैं। सीनियर डीसीएम रेखा शर्मा ने बताया कि रेलवे बोर्ड के निर्देशानुसार मंडल के कई स्टेशनों पर आइसोलेशन कोच तैयार हैं। इसके अलावा रेलवे अस्पताल भी मरीजों की सेवा में तत्पर है। पिछली बार रेलवे अस्पताल ने एल-1 श्रेणी के अस्पताल के रूप में सेवाएं दी थीं। यदि एक बार फिर आवश्यक्ता पड़ी और शासन-प्रशासन के निर्देश हुए तो हमारे चिकित्सक पूरी तरह तैयार हैं।