मुरादाबाद। लॉक डाउन अवधि में माल भाड़े से हुई अच्छी कमाई के बाद रेलवे इसे स्थायी फार्मूला बनाने की मशक्कत शुरू कर दी है। इसके लिए रेलवे ने पांच अधिकारी लगाए हैं। यह विशेष टीम मुरादाबाद सहित पांच मंडलों काम करेगी। कारोबारियों से संपर्क करने को कहा गया है ताकि वे रेलवे के जरिए ही अपना माल भेजने पर सहमत हो सकें। लॉकडाउन अवधि में सब कुछ बंद होने के बाद भी रेलवे ने माल ढुलाई से 447 करोड़ रुपये कमाए हैं और विभाग इसी को आगे भी कायम रखना चाहता है।
मई व जून माह में मुरादाबाद मंडल से 27 श्रमिक स्पेशल ट्रेनें चलाई गईं। जिनसे 41 हजार 607 यात्रियों को उनके गंतव्य तक भेजा गया। इसके लिए राज्य सरकार ने रेलवे को 2 करोड़ 21 लाख रुपये का भुगतान किया है। सामान्य यात्री गाड़ियां बंद रहीं। इसके अलावा मालगाड़ी गुजरने पर भी रेलमंडल को किराए का कुछ हिस्सा मिलता है। लॉकडाउन अवधि में रेलवे ने मालगाड़ियों से आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति करके मुनाफा कमाया। इस दौरान बिजली सामग्री, दवाएं व कोयला आदि देशभर में भेजा गया व औसतन 130 मालगाड़ियां मंडल से गुजरीं। अप्रैल व मई माह में 42 हजार 50 वैगन से 22.46 लाख टन माल की ढुलाई की गई। जिससे मंडल को 447 करोड़ रुपये किराया प्राप्त हुआ। पिछले साल अप्रैल व मई में माल ढुलाई से मिलने वाले किराए की तुलना में यह लगभग दोगुना गुना ज्यादा रहा। वस्तुओं की सप्लाई से मिले इस किराए ने ही रेलवे को आर्थिक तंगी से बचा लिया। गौरतलब है कि सामान्य दिनों में मुरादाबाद मंडल से 1 लाख 44 हजार यात्री प्रतिदिन गुजरते हैं। जिससे रेल मंडल को 63 लाख 50 हजार की आय रोजाना होती है। लॉकडाउन अवधि में टिकट आदि से कमाई न होने के कारण रेलवे को 43 करोड़ 18 लाख रुपये का नुकसान हुआ। वहीं इस अवधि में डीजल इंजनों के बंद रहने से 45 करोड़ रुपये डीजल की खपत न होने से बच गए।
अब यह फार्मूला
ट्रकों व अन्य वाहनों से माल ढुलाई कराने वाले व्यापारियों, कंपनियों व फैक्टरी मालिकों से बात करने के लिए अधिकारियों को भेजा जाएगा। यह अधिकारी मालगाड़ी से माल ढुलाई कराने के लिए व्यापारियों से चर्चा करेंगे। साथ ही मालगाड़ी से माल ढुलाई को लेकर उनकी समस्याओं का समाधान भी करेंगे। इन अधिकारियों में प्रवर मंडल परिचालन प्रबंधक, प्रवर मंडल वाणिज्य प्रबंधक, प्रवर मंडल अधीक्षण अभियंता (सी), प्रवर मंडल यांत्रिक अभियंता व प्रवर मंडल लेखा प्रबंधक शामिल हैं। इसके अलावा एडीआरएम (मालभाड़ा) निर्भय सिंह को नोडल अधिकारी बनाया गया है। उत्तर रेलवे के सभी मंडलों एक्सक्लूसिव व्यापार विकास इकाइयों की स्थापना की गई है।