स्मार्ट कार्ड से टिकट खरीदने की सुविधा ने रेलवे को दो करोड़ का झटका दिया है। रेलवे की ओर से जारी किए स्मार्ट कार्ड से यात्रियों ने टिकट वेंडिंग मशीन के जरिए टिकट खरीदे, लेकिन मशीन ने स्मार्ट कार्ड से रुपये डिडक्ट नहीं किए। लिहाजा रेलवे को दो करोड़ का चूना लग गया। रेलवे को दिल्ली मंडल में सबसे ज्यादा नुकसान हुआ तो मुरादाबाद मंडल में सबसे कम।
जब रेलवे के खाते में टिकट बिक्री की रकम नहीं पहुंची तो चेकिंग कराई गई। चेकिंग में सारा मामला खुलकर सामने आ गया। अब इस मामले में एफआईआर दर्ज कराने की तैयारी है।
लगभग दो साल पहले रेलवे ने मेट्रो रेल की तर्ज पर स्मार्ट कार्ड की सुविधा शुरू कई थी। स्मार्ट कार्ड से यात्री बिना लाइन में लगे टिकट वेंडिंग मशीन के जरिए टिकट ले सकते हैं। टिकट मिलने के साथ ही कार्ड से पैसे कट जाते हैं। इस व्यवस्था को रेलवे का तकनीकी विभाग क्रिस (सेंट्रल रेलवे इनफार्मेशन सिस्टम) संभाल रहा है।
सिस्टम तो लागू कर दिया गया, लेकिन रेलवे इसकी देखभाल करना भूल गया। नतीजा ये रहा कि टिकट वेंडिंग मशीन ने यात्रयिों को टिकट तो बांट दिए, लेकिन उनसे पैसा नहीं लिया। जब पैसे ही नहीं कटे तो लोगों ने कार्ड रीचार्ज कराने की भी जरूरत नहीं समझी। काफी समय से ऐसे ही चल रहा था।
जिससे रेलवे को करोड़ों रुपये का नुकसान ज्यादा रहा। सबसे ज्यादा नुकसान दिल्ली में हुआ। मुरादाबाद मंडल में यह सुविधा केवल तीन ही स्टेशनों पर थी। इन तीनों स्टेशनों से कुल मिलाकर 61 हजार 445 रुपये के टिकट बिना भुगतान के ही बिक गए। सबसे कम मेरठ स्टेशन पर नुकसान हुआ। वहां केवल 40 रुपये के ही टिकट लुटे।