फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

17 घंटे की ड्यूटी पर तबीयत बिगड़ने के बाद भी नहीं मिली रेलवे गार्ड को छुट्टी, जान गई

विज्ञापन
हरथला गुलाब बाग के रहने वाले मृतक गार्ड मोहम्मद शरीफ का फाइल फोटो। - फोटो : CITY
विज्ञापन
मुरादाबाद। ड्यूटी के दौरान बीमार होने पर भी छुट्टी न मिलने से बिगड़ी हालत में भर्ती कराए गए रेलवे गार्ड की इलाज के दौरान मौत हो गई। हरथला निवासी गार्ड मोहम्मद शरीफ (55) को दो सितंबर को भर्ती कराया गया था।
विज्ञापन

तीन सितंबर को अमर उजाला से हुई बातचीत में गार्ड मोहम्मद शरीफ ने बताया था कि एक सितंबर को सुबह 6 बजे सहारनपुर से रोजा जा रही मालगाड़ी में उनकी ड्यूटी लगाई गई थी। रास्ते में उनकी तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। मुरादाबाद पहुंचने पर पॉवर केबिन को सूचित किया लेकिन वहां से आदेश मिला कि मालगाड़ी को रोजा तक पहुंचाना ही होगा। इसके बाद ही ड्यूटी आफ होगी। गार्ड ने बताया था कि रात 11 बजे मालगाड़ी रोजा पहुंची। ड्यूटी को 17 घंटे हो चुके थे जबकि नियम के अनुसार 10 घंटे ही ड्यूटी कराई जा सकती है। 2 सितंबर की सुबह मुरादाबाद पहुंचने पर गंभीर हालत में उन्हें रेलवे अस्पताल के आईसीयू में भर्ती किया गया। वहां पता चला कि हार्टअटैक हुआ था। कुछ उपचार देने के बाद गार्ड मोहम्मद शरीफ को विवेकानंद अस्पताल के लिए रेफर किया गया। जहां बुधवार को मौत हो गई। परिजनों का कहना है कि एक सितंबर को मुरादाबाद में ही ड्यूटी आफ करने देते तो हार्टअटैक की नौबत नहीं आती।
उरमू ने जताई नाराजगी
गार्ड के साथ यह घटना होने पर उत्तर रेलवे मजदूर यूनियन ने रेल प्रशासन से नाराजगी जताई है। संगठन के मंडल मंत्री शलभ सिंह ने कहा कि परिचालन में ड्राइवर व गार्ड की अहम भूमिका होती है। इसके बावजूद उनका शोषण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसी अनियमितताएं लगातार सामने आ रही हैं। कोचिंग टीएनसी को गार्ड रोस्टर पर लगाया हुआ है। जबकि पैसेंजर गार्डों को मालगाड़ियों पर तैनात किया जा रहा है। मंडल मंत्री ने कहा कि अधिकारियों की अनसुनी से कर्मचारियों को क्षति हो रही है। संगठन जनांदोलन करेगा।
विज्ञापन

गार्ड की मृत्यु होना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उनके परिजनों के साथ मेरी संवेदनाएं हैं। तबीयत खराब होने पर कर्मचारियों की हरसंभव सहायता की जाती है। पावर केबिन ने मोहम्मद शरीफ की तबीयत खराब होने की बात मुझे नहीं बताई। मालगाड़ी में और भी गार्ड तैनात थे साथ ही ड्राइवर ने भी इतना समय ही ड्यूटी में दिया जितना कि गार्ड ने। पीड़ित परिवार को नियमानुसार मुआवजा या एक सदस्य को नौकरी भी दी जा सकती है।
- नवीन कुमार, सीनियर डीओएम
डीआरएम कार्यालय पर रेलवे गार्डों ने किया हंगामा
मुरादाबाद। रेलवे के गार्ड मोहम्मद शरीफ की अस्पताल में मौत के बाद मामला गर्मा गया है। बुधवार को गार्डों ने डीआरएम कार्लय पर जमा होकर रोष प्रदर्शन व हंगामा किया। गार्डों ने कहा कि रेल प्रशासन की अनदेखी के चलते उनके साथी की जान गई है। इस पर कड़ी नाराजगी जताते हुए उन्होंने सीनियर डीओएम कार्यालय में डब्ल्यूएमआई बीके वशिष्ठ को हटाने की मांग की है। गार्डों ने कहा कि डब्ल्यूएमआई सीनियर डीओएम कार्यालय में 10 वर्षों से तैनात हैं। उनकी लापरवाही से पहले भी कई घटनाएं हो चुकी है। रेल प्रशासन से अपील करने पर भी उन्हें नहीं हटाया जा रहा। गार्डों ने कहा कि मोहम्मद शरीफ को दवाब बनाकर जबरन रोजा भेजा गया। यदि मुरादाबाद में ही उन्हें उपचार मिल जाता तोे जान नहीं जाती। उन्होंने कहा कि यदि अब भी डब्ल्यूएमआई को अब भी नहीं हटाया गया तो सभी गार्ड एकजुट होकर जनांदोलन करेंगे। प्रदर्शन में एके शर्मा, मुकुल सक्सैना, जगन्नाथ, मोहित गुप्ता, अमित वर्मा, एस एस अरोड़ा, संजय यादव व राजेंद्र समेत कई गार्ड मौजूद रहे।
मेरे ऊपर लगाए गए सभी आरोप बेबुनियाद हैं। गार्ड मोहम्मद शरीफ की तबीयत खराब होने की सूचना कंट्रोल से मेरे पास नहीं आई। रोजा से वापस लौटकर आने पर अस्पताल से उन्हें भर्ती कराने के समय मैं मौजूद था - ब्रजेश कुमार वशिष्ठ, डब्ल्यूएमआई
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें