मुरादाबाद। रेलवे अस्पताल में शनिवार को विजिलेंस टीम ने फिर ने छापा मारा। जिससे अस्पताल से लेकर डीआरएम दफ्तर और रेलवे स्टेशन से तक हड़कंप मच गया। टीम को बोर्ड की भर्ती परीक्षा के अभ्यर्थियों से मेडिकल परीक्षण के नाम पर अवैध वसूली की शिकायत मिली थी। इस मामले में टीम ने पहले भी छापेमारी की थी। विजिलेंस की रिपोर्ट के बाद ही रेलवे अस्पताल के सीएमएस समेत छह डाक्टरों का तबादला किया गया था। टीम यहां से मेडिकल से संबंधित दस्तावेज और एक बाबू की फाइल भी अपने कब्जे में ली है।
रेलवे विभाग में बोर्ड भर्ती परीक्षा में चयनित अभ्यर्थियों को रेल मंडल मुख्यालयों के रेलवे अस्पतालों से मेडिकल प्रमाण पत्र बनवाने की प्रक्रिया शुरू की गई थी। इसके लिए मुरादाबाद के रेलवे अस्पताल में भी एक हजार अभ्यर्थियों को भेजा गया था। रेलवे को शिकायत मिली थी मेडिकल फिटनेस के नाम पर अभ्यर्थियों से अवैध वसूली की जा रही है। इसमें जमकर खेल किया गया। 11 मई को विजिलेंस की टीम ने रेलवे अस्पताल पर छापा मारा था। विजिलेंस की रिपोर्ट पर ही रेलवे अस्पताल के सीएमएस समेत छह डाक्टरों का दूसरे जोनों में ट्रांसफर किया गया है। फिर से रेलवे अस्पताल में मेडिकल प्रक्रिया शुरू की गई थी। शनिवार को विजिलेंस टीम ने फिर से रेलवे अस्पताल पर छापा मारा। जिससे यहां हड़कंप मच गया। इसकी भनक रेलवे स्टेशन पर पहुंची तो यहां भी खलबली मच गई। दो घंटे तक टीम रेलवे अस्पताल में मौजूद रही और अभ्यर्थियों के मेडिकल से संबंधित दस्तावेजों को खंगाला गया। बताया जा रहा है कि टीम यहां से कुछ दस्तावेज और एक बाबू से संबंधित फाइल भी अपने कब्जे में ले गई है। हालांकि डीआरएम तरुण प्रकाश ने बताया कि विजिलेंस टीम के छापेमारी की जानकारी नहीं है।