मुरादाबाद। संपूर्ण समाधान दिवस को लेकर अधिकारी कितना गंभीर हैं, इसका अंदाजा समस्याओं की सुनवाई के दौरान अधिकारियों की संजीदगी देखकर आसानी से लगाया जा सकता है। समस्या सुनवाई के दौरान वरिष्ठ अधिकारी के सामने बैठे सोते और ऊंघते अधिकारियों की फोटो कई बार वायरल हो चुकी हैं, फिर भी कोई असर नहीं हुआ। मंगलवार को मुरादाबाद की तहसील सदर में एडीएम प्रशासन सुरेंद्र सिंह, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट एवं एसडीएम सदर प्रेरणा सिंह समस्याएं सुन रहीं थी, उसी समय सामने बैठे अधिकारी अपने मोबाइल फोन में चैटिंग करने में व्यस्त नजर आए। ऐसा तब है, जब मुख्यमंत्री ने अफसरों को साफ निर्देश दिए थे कि जिस तरह समाधान दिवस इनका नाम है, उसी के अनुरूप में जनता की समस्याओं का समाधान भी होना चाहिए ताकि जनता को किसी प्रकार की समस्या न हो।
महीनों से भटक रहे इन फरियादियों की नहीं हो रही सुनवाई
केस-1
थाने से लेकर डीएम तक और तीन दिवसों में गुहार, फिर भी नहीं हुई पैमाइश
थाना मूंढ़ापांडे के गांव नाजरपुर निवासी 70 वर्षीय रामश्री की कृषि भूमि है। गांव के राजवीर, बबलू, जितेंद्र आदि की मेड़ उनके खेत से मिली है। आरोप है कि यह लोग उनके खेत पर कब्जा करना चाहते हैं, जिससे उनके पुत्रों को खेत पर नहीं जाने दे रहे हैं। पुत्रों को देखते ही गाली गलौज और जान से मार डालने की धमकी देते हैं। इस समस्या को समाधान के लिए वह मई 2020 से भटक रही हैं। थाने से लेकर डीएम तक और अब तीन बार से तहसील दिवस में प्रार्थना पत्र देती हैं, लेकिन न तो विपक्षियों पर कार्रवाई हो रही है और न ही उनके खेत की पैमाइश कराई जा रही है।
केस-2
पीसीएफ से नहीं हो रहा गेहूं भुगतान, समाधान दिवस में भी सुनवाई नहीं
तहसील मुरादाबाद के अक्का डिलारी निवासी आयुष यादव ने 04 जून 2020 को 107.20 क्विंटल गेहूं जिसकी कीमत दो लाख छह हजार 360 रुपये थी, एजेंसी पीसीएफ को बेचा था। 72 घंटे में भुगतान होना था, लेकिन आज तक भुगतान नहीं हो सका है, जबकि वह भुगतान के लिए समाधान दिवस में दस बार प्रार्थना पत्र दे चुका है। इसी तरह इसी गांव के निवासी मोहम्मद जान ने 11 जून 2020 को 25 क्विंटल 50 किलोग्राम बेचा था। 49 हजार 87 रुपये के भुगतान के लिए वह चक्कर काट रहा है। समाधान दिवस में भी छह बार शिकायत कर चुका है, लेकिन समाधान नहीं हुआ।
केस- 3
तीन भवनों पर कब्जा, फिरभी नहीं हो रही सुनवाई
उत्तराखंड के जिला ऊधमसिंह नगर के रुद्रपुर निवासी हरिओम जौहरी के महानगर के बुद्धि विहार में तीन मकान हैं, जिन पर विपक्षियोें ने कब्जा कर लिया है। शिकायतकर्ता बीमार हैं और चल फिर नहीं सकते, इसलिए उनके भाई देवेंद्र कुमार जौहरी मकान पर कब्जा पाने के लिए भटक रहे हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। उनका कहना है कि पांच समाधान दिवस में भी आ चुके हैं। जांच रिपोर्ट उनके पक्ष में हैं। विपक्षियों पर रिपोर्ट दर्ज हो चुकी है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।
केस-4
पैमाइश के लिए चौथी बार आई तो समाधान दिवस से भगाया
तहसील सदर के गांव पैपरपुरा उर्फ छतुरी निवासी परवीन जहां का आरोप है कि चकबंदी में उनकी जमीन कम कर दी गई है। इस पर विपक्षी जमीन की पैमाइश कराने की बात कहकर जोतने नहीं दे रहे हैं, लेकिन समाधान दिवस में शिकायत करने के बाद भी पैमाइश नहीं कराई जा रही है। वह इससे पहले तीन बार प्रार्थना पत्र दे चुकी है। मंगलवार को चौथी बार फिर अपनी समस्या बताने आई, लेकिन गेट से ही सुरक्षा कर्मियों ने लौटा दिया, वह अधिकारी के पास तक नहीं पहुंच सकी।
दावा : 49 शिकायतों में से छह को निपटाया
मुरादाबाद। तहसील सदर में अपर जिलाधिकारी प्रशासन सुरेद्र सिंह की अध्यक्षता और ज्वाइंट मजिस्ट्रेट एवं एसडीएम प्रेरणा सिंह की मौजूदगी वाले समाधान दिवस में 49 शिकायतें आई, जिसमें से छह शिकायतों का समाधान करने का दावा किया गया है। दावा है कि राजस्व विभाग से संबंधित चार, विकास विभाग और चकबंदी से संबंधित एक एक शिकायत का समाधान कर दिया गया। उधर कई फरियादियों का कहना है कि उन्हें यह यह कहकर लौटा दिया गया कि पहले समस्याओं का प्रार्थना पत्र दे चुके हैं तो बार बार अपनी फरियाद रखने का कोई औचित्य नहीं है। इससे अनेक फरियादी मायूस होकर लौट गए।