मुरादाबाद। आंदोलन के दूसरे दिन किसान नेताओं ने लखीमपुर खीरी मामले में केंद्र और राज्य सरकार पर जमकर भड़ास निकाली। आरोप लगाया कि दोनों सरकारें किसानों के हितों से खिलवाड़ कर रही हैं लेकिन संयुक्त किसान मोर्चा चुप नहीं बैठेगा। आंदोलन का समय भी बढ़ सकता है।
लखीमपुर खीरी में 75 दिवसीय धरने पर बैठे भाकियू कार्यकर्ताओं के समर्थन में मुरादाबाद में किसान धरने पर हैं। भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के राष्ट्रीय सचिव डॉ. नौ सिंह ढिल्लो के नेतृत्व में किसानों ने लखीमपुर खीरी की तर्ज पर बृहस्पतिवार शाम से धरना देना शुरू कर दिया है। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि किसानों की हत्या की साजिश रचने वाले केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र उर्फ टेनी अभी भी पद पर काबिज हैं, उनको बर्खास्त कर उसे जेल में डाला जाना चाहिए। खीरी कांड में किसानों पर फर्जी मुकदमे लादे गए हैं। इस मामले में आंदोलनकारी किसानों को तत्काल जेलों से रिहा करना होगा।
इसके अलावा किसानों ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि बिजली बिल 2022 सरकार वापस ले। बकाया गन्ने मूल्य का भुगतान शीघ्र कराए। किसानों की फसलों पर स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों के अनुसार सीटू प्लस 50 फीसदी के तहत एमएसपी गारंटी कानून लागू करे। बिजली बिल मुफ्त करने के आश्वासन पर बनी सरकारें किसानों को मुफ्त बिजली और घरेलू उपयोग के लिए भी 300 यूनिट फ्री करना चाहिए। सरकार की गलत नीतियों के कारण किसान कर्जदार हो गए हैं। ऐसे किसानों का कर्ज माफ होना चाहिए। वक्ताओं में प्रदेश सचिव डॉ. चरण सिंह, जिलाध्यक्ष मनोज चौधरी, युवा जिलाध्यक्ष दीपक चौधरी, युवा महानगर अध्यक्ष मोहित चौधरी, राधेश्याम, अमरजीत चीमा, नरेंद्र प्रताप चौहान, रवींद्र यादव, देवेंद्र सिंह, वीरेंद्र सिंह, चौधरी बहराज सिंह, इंद्रपाल सिंह, गौरव, राजेंद्र सिंह, गुलाब सिंह, अमरपाल सिंह, ओमवीर सिंह, भानुप्रताप, पीयूष, रणजीत सिंह, रनवीर सिंह, जोगेंद्र सिंह, रोहताश सिंह आदि मौजूद थे।