मुरादाबाद। विद्युत निगम की अधिकारी-कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले विद्युत अभियंताओं और कर्मचारियों ने धरना प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन विद्युत संशोधन विधेयक 2022 के संसद में पेश होने के विरोध में किया गया। विद्युत अभियंताओं और कर्मचारियों का आरोप है कि इस विधेयक के पारित होने से निजीकरण को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही विद्युत उपभोक्ताओं को महंगी बिजली खरीदनी पड़ेगी।
संयुक्त संघर्ष समिति के घटक दलों का कहना है कि विद्युत संविधान की समवर्ती सूची में आती है। इसके चलते विद्युत पर कानून बनाने का अधिकार राज्यों और केंद्र दोनों को है। जबकि केंद्र ने इस विधेयक को लाने से पहले राज्यों के साथ चर्चा नहीं की। अभियंताओं ने इसे संसदीय परंपरा का उल्लंघन और देश के संघीय ढांचे पर चोट बताया। साथ ही इस विधेयक को वापस लेने की मांग की। 10 अगस्त को सभी जनपद एवं परियोजना मुख्यालयों पर धरना प्रदर्शन की चेतावनी दी गई। इस मौके पर अभियंता संघ से विक्रम सिंह, योगेंद्र कुमार, राहुल गौतम, संतोष त्रिपाठी। राज्य विद्युत परिषद जूनियर इंजीनियर्स संगठन से दिनेश कुमार, प्रदीप कुमार, संजीत गुप्ता, संदीप यादव, अन्य दलों से सदर सागर, मोहम्मद अब्बास, अतुल कुमार आदि मौजूद रहे।