मुरादाबाद। प्रेरणा एप के विरोध एवं लंबित मांगों के समर्थन में परिषदीय शिक्षक लामबंद हो गए हैं। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के आह्वान पर गुरुवार को सैकड़ों शिक्षकों ने बीएसए कार्यालय पर धरना एवं प्रदर्शन किया। वक्ताओं ने कहा कि प्रेरणा एप को शिक्षकों पर जबरन थोपने नहीं दिया जाएगा। शुक्रवार को शिक्षक सड़कों पर उतरेंगे और कर्मचारी संगठनों के साथ डीएम कार्यालय पर प्रदर्शन करेंगे।
शिक्षक संघ के आह्वान पर गुरुवार को जिले भर से शिक्षक बीएसए कार्यालय पर एकत्र हुए। शिक्षकों ने दोपहर एक बजे से धरना शुरू कर दिया। अपराह्न चार बजे तक धरना एवं प्रदर्शन में सैकड़ों शिक्षक, अनुदेशक और शिक्षा मित्र शामिल हुए। जिलाध्यक्ष सर्वेश कुमार शर्मा ने कहा कि प्रेरणा से शिक्षकों का मानसिक और सामाजिक उत्पीड़न होगा। उनकी निजता का हनन है। इसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार ने संविलियन के नाम पर एक लाख 27 हजार स्कूलों में प्रधानाध्यापक के पद खत्म कर दिए हैं। महासचिव धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि सरकार को शिक्षकों को कामचोर साबित करने के बजाए स्कूलों में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की तरफ ध्यान देने की जरूरत है। संजय कुमार सिंह ने शिक्षकों के बीएलओ, पोलियो, रैपिड सर्वे, जनगणना और बाल गणना ड्यूटी का विरोध किया। डा. नीरज शर्मा ने प्रेरणा को शिक्षकों के सम्मान के साथ खिलवाड़ बताया।
वक्ताओं ने कहा कि शुक्रवार को डीएम कार्यालय पर धरना प्रदर्शन किया जाएगा। कर्मचारी परिषद समेत कई संगठनों ने शिक्षकों के आंदोलन को समर्थन दिया है। दोपहर एक बजे आंबेडकर पार्क से सैकड़ों शिक्षक जुलूस लेकर डीएम कार्यालय पहुंचेंगे और वहां धरना एवं प्रदर्शन करेंगे। इस दौरान महानगर अध्यक्ष राकेश कौशिक, वरिष्ठ उपाध्यक्ष राहुल शर्मा, अमित कुमार, प्रदीप यादव, एसएस राठी, मंजू सिंह, वर्षा भटनागर, कपिल सिरोही, विष्णु भारद्वाज, चंद्र किरण, सुमित सिंह, चंचल, रविंद्र कुमार, पूजा पंवार और राखी वर्मा समेत कई शिक्षक मौजूद रहे।
स्कूलों में बच्चों की पढ़ाई बाधित
बीएसए कार्यालय पर दोपहर एक बजे से शिक्षकों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई। देहात ब्लाकों के स्कूलों के कई शिक्षकों ने इंटरवल के बाद स्कूल छोड़ दिया और मुरादाबाद कूच कर गए। इससे स्कूलों में बच्चों की पढ़ाई बाधित रही।