ठाकुरद्वारा। सोमवार को पुलिस और राजस्व विभाग की टीम मंदिर के निर्माण करने के लिए गांव उस्मानपुर में पहुंची लेकिन कुछ लोगों के विरोध और एक व्यक्ति के आत्मदाह की धमकी देने पर टीम को सात घंटे बाद वापस लौटना पड़ा।
गांव में स्थित मंदिर को हाईवे के निर्माण के दायरे में आने के कारण तोड़ दिया गया था। इसके लिए प्रशासन ने गांव में ग्राम समाज की भूमि मंदिर निर्माण के लिए देकर उसकी तारबंदी कराई थी। इस भूमि को कुछ लोग आर्य समाज का बताकर इसका विरोध कर रहे हैं। शनिवार को गांव के पाकेश कुमार आदि ने एसडीएम और सीओ से मिलकर मंदिर के लिए दी गई भूमि पर मंदिर निर्माण करने की मांग की। इस पर सोमवार को हल्का लेखपाल, राजस्व निरीक्षक और पुलिस की टीम गांव में पहुंची तो मौके पर पशु बंधे मिले। वहां पर जैसे ही मंदिर का काम शुरू किया गया, दूसरे पक्ष के लोग वहां आ गए और उन्होंने इसका विरोध शुरू कर दिया। विरोध करने वालों में से एक ने चेतावनी दी कि यदि यहां पर मंदिर बनाया गया तो वह अपने ऊपर पेट्रोल छिड़ककर आत्मदाह कर लेगा। इससे पुलिस और राजस्व विभाग की टीम में हड़कंप मच गया।
टीम ने मंदिर का निर्माण शुरू नहीं कराया सुबह 10 से शाम 5 बजे तक पुलिस और राजस्व विभाग की टीम वहां बैठी रही और फिर वहां से वापस लौट गई। पाकेश कुमार ने बताया कि अब इसकी शिकायत डीएम से करेंगे। उधर, एसडीएम प्रीति सिंह का कहना है कि मंदिर के लिए भूमि चिन्हित कर उसकी तारबंदी कर दी गई थी। पुलिस के कहने पर ही लेखपाल और कानूनगो को वहां पर भेजा गया था। यदि कोई मंदिर का निर्माण का विरोध कर रहा था तो पुलिस को उसे रोकना चाहिए था।