गलशहीद का रहने वाला मृतक मसरुर का फाइल फोटो
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मुरादाबाद। गलशहीद थानाक्षेत्र में मंगलवार रात बदमाशों ने प्रॉपर्टी डीलर की गोली मारकर हत्या कर दी। घटना के समय वह क्लीनिक से दवा लेने जा रहे थे। रास्ते में ईदगाह के पास एक बैंक्वेट हाल के सामने बदमाशों ने उनकी बाइक रुकवा ली और गोली मारकर फरार हो गए। इस घटना से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच पड़ताल में जुट गई। पुलिस की शुरुआत जांच में सामने आया कि इस हत्याकांड को रंजिश में अंजाम दिया गया है।
मसरूर आलम (40) मुगलपुरा थानाक्षेत्र के हाफिज बन्ने खां की पुलिया मोहल्ले में रहते थे। परिवार में पत्नी रेशमा, दो बेटियां व एक बेटा है। परिवार के लोगों ने पुलिस को बताया कि वह मंगलवार रात बाइक से गलशहीद क्षेत्र में एक डाक्टर के क्लीनिक से दवा लेने घर से निकले थे। गलशहीद थानाक्षेत्र में ईदगाह के पास एक बैंक्वेट हाल के सामने से गुजर रहे थे। तब ही कुछ लोगों ने उन्हें रोक लिया। बताया जा रहा है कि इसी दौरान बदमाशों ने मसरूर के सिर में गोली मार दी। वह बाइक समेत नीचे गिर गए। गोली की आवाज सुनकर लोग दौड़े। उससे पहले ही बदमाश तमंचा लहराते हुए मौके से भाग निकले। लोगों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और घायल को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे, लेकिन डाक्टरों ने मसरूर को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने जिला अस्पताल की मोर्चरी में शव रखा दिया है। थाना प्रभारी कपिल सिंह ने बताया कि तहरीर मिलने पर रिपोर्ट दर्ज की जाएगी। घटना की जांच की जा रही है। कुछ तथ्य हाथ लगे हैं। जिनके जरिये आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।
सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली
मुरादाबाद। बदमाशों ने इस वारदात को जिस जगह अंजाम दिया है। वहां से ठीक सामने बैंक्वेट हाल है। बैंक्वेट हाल के गेट पर सीसीटीवी कैमरे भी लगे हैं। इन कैमरों में हत्यारोपियों की तस्वीरें कैद हो गई हैं। पुलिस इन तस्वीरों के जरिये हत्यारोपियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।
रंजिश के एंगल पर चल रही पुलिस की जांच
मुरादाबाद। गलशहीद थाना प्रभारी कपिल सिंह ने बताया कि मसरूर आलम प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करते थे। परिवार के लोगों ने बताया कि मसरूर आलम मुकदमाें में भी उलझे थे। पुलिस रंजिश के एंगल पर जांच कर रही है। इसके अलावा अन्य एंगल भी पुलिस देख रही है।
मोहल्ले से निकलते ही बदमाशों को कैसे हो गई जानकारी
मुरादाबाद। घटनास्थल से मसरूर के घर की दूरी मात्र एक किलोमीटर होगी। बावजूद इसके बदमाशों को जानकारी हो गई थी कि मसरूर अपने घर से निकल चुके हैं और वो ईदगाह वाले रास्ते से ही गुजरेंगे। इससे एक बात साफ होती है कि बदमाशों के अलावा इस वारदात में उनके मुखबिरों की भी खास भूमिका रही है।