गर्भावस्था के दौरान मातृ-शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के उद्देश्य से फॉग्सी ने प्रोजेक्ट अधुना की शुरुआत की है। राष्ट्र स्तरीय संस्था ने मुरादाबाद ऑब्सटेट्रिक्स एंड गाइनेकोलॉजी सोसायटी के साथ मिलकर जिले में इस प्रोजेक्ट को लॉन्च किया है। इसके लिए फॉग्सी की अध्यक्ष डॉ. सुनीता तांडुलवडकर व अधुना प्रोजेक्ट हेड डॉ. जयदीप टैंक बृहस्पतिवार को मुरादाबाद पहुंचे।
दिल्ली रोड स्थित होटल में सीएमई का आयोजन हुआ। साथ ही मुरादाबाद ऑब्सटेट्रिक्स एंड गाइनेकोलॉजी सोसायटी की अध्यक्ष डॉ. अर्चना के सहयोग से प्रोजेक्ट अधुना लॉन्च किया गया। वक्ताओं ने कहा कि इस प्रोजेक्ट में एनीमिया मुक्त भारत की भी परिकल्पना साकार की जा रही है। पहल का उद्देश्य भारत के चार राज्यों उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, उड़ीसा में निजी स्वास्थ्य सुविधाओं में प्रसव के दौरान देखभाल को सुदृढ़ बनाना है। मातृ व नवजात शिशु देखभाल के लिए साक्ष्य आधारित दृष्टिकोण के साथ चिकित्सा को मजबूत बनाने के लिए प्रोजेक्ट अधुना इन राज्यों के 29 जिलों में स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा देगा। इनमें मुरादाबाद भी शामिल है।
इस पहल के तहत फॉग्सी की ओर से सीपीडी सत्रों का आयोजन किया जाएगा। इसमें डॉक्टरों, नर्सों व पैरामेडिकल स्टाफ शामिल होंगे। बृहस्पतिवार को शहर की स्त्री रोग विशेषज्ञों ने अधुना प्रोजेक्ट के बारे में जानकारी ली। इस दौरान महिलाओं के मानसिक स्वास्थ्य, स्तनपान और माताओं की सम्मानजनक देखभाल से जुड़ी जानकारियों पर विचार-विमर्श किया गया। कार्यशाला में डॉ. माधुरी पटेल, आईएमए की अध्यक्ष डॉ. प्रीति गुप्ता, मूग्स की सचिव डॉ. ऋतिका, डॉ. नेहा चंद्रा, डॉ. नीना मोहन, डॉ. बबीता गुप्ता, डॉ. संगीता मदान, डॉ. ऋचा गंगल, डॉ. श्रुति खन्ना, डॉ. शुभ्रा अग्रवाल, डॉ. श्वेता कौशिक मौजूद रहीं।