बढ़ती असहिष्णुता के खिलाफ साहित्यकारों और शायरों द्वारा पुरस्कार लौटाने
का सिलसिला थम नहीं रहा। बुधवार को शहर के महाराजा हरिश्चंद्र कालेज के
एसोसिएट प्रोफेसर डा. नरेंद्र सिंह ने भी राज्य ललित कला अकादमी द्वारा
दिया गया सम्मान जिलाधिकारी के माध्यम से राज्य सरकार को लौटा दिया।
एसोसिएट
प्रोफेसर डा. नरेंद्र सिंह ने बताया कि वह सामाजिक और संस्कृति सरोकारों
को अपनी कला का विषय बनाते हुए समाज में व्याप्त विसंगतियों जैसे धार्मिक,
जातीय असहिष्णुता, रूढ़िवादिता, भ्रष्टाचार और महिला उत्पीड़न के खिलाफ
अपनी कूची चलाई है। लेकिन देश में तर्कशीलता और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता
पर कठोर हमले किए जा रहे हैं।
दादरी कांड धार्मिक असहिष्णुता की पराकाष्टा
है। कर्नाटक के युवा दलित लेखक पर हमला शर्मनाक है। इन घटनाओं से क्षुब्ध
होकर वह ललित कला अकादमी से मिले पुरस्कार को लौटा दिया है। उन्होंने
बुधवार को डीएम के माध्यम से प्रमाण-पत्र, मोमेंटो और पंद्रह हजार का चेक
वापस भेज दिया।