जल्द ही जिला अस्पताल की पुरानी इमरजेंसी मरीजों के लिए दोबारा शुरू कर दी जाएगी। इमरजेंसी को प्राइवेट अस्पतालों की तर्ज पर उच्चीकरण किया गया है। कंट्रोल रूम को डाक्टरों के रेस्ट रूम और स्टाफ रूम, वार्ड से जोड़ दिया गया है। ट्रामा सेंटर में चल रही इमरजेंसी निकाय चुनाव के बाद पुरानी इमरजेंसी में शिफ्ट कर दी जाएगी।
इन दिनों जिला अस्पताल की इमरजेंसी ट्रामा सेंटर में चल रह है। करीब दो महीने से जिला अस्पताल की पुरानी इमरजेंसी उच्चीकरण का काम चल रहा है। उच्चीकरण का काम पूरा हो गया है। इमरजेंसी वार्ड और कंट्रोल रूम में टाइल्स लगाई गई है। प्राइवेट अस्पतालों की तरह हर बेड के लिए पर्दे लगाने की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा एसी लगाए गए है।
वहीं कंट्रोल को डाक्टरों के रेस्ट रूम और स्टाफ रूम से जोड़ दिया गया है। जिला अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डा. राजेंद्र कुमार ने बताया कि इमरजेंसी के उच्चीकरण का काम पूरा हो चुका है। निकाय चुनाव पूरा होने पर इमरजेंसी ट्रामा सेंटर से पुरानी इमरजेंसी में शिफ्ट कर दिया जाएग।
इमरजेंसी का बदल जाएगा गेट
जिला अस्पताल की इमरजेंसी के उच्चीकरण के बाद कुछ बदलाव किए जाएंगे। इमरजेंसी का प्रवेश गेट बदल जाएगा। मरीजों की एंट्री क्षेत्रीय निदान केंद्र (एक्सरे-पैथोलाजी) गेट से होगी। महिला थाना वाले गेट से सीधे इमरजेंसी गेट पर मरीज पहुंचेंगे।