मुरादाबाद के एक निजी अस्पताल में लापरवाही का एक हैरतअंगेज मामला सामने आया है। शहर के एक अस्पताल में मंगलवार को दो कोरोना संक्रमित मरीजों की मौत हो गई। दोनों को 16 अप्रैल को ही अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
मरने वालों में से एक मरीज बरेली और दूसरा रामपुर का रहने वाला था। मौत के बाद जब अस्पताल की औपचारिकताएं पूरी हो गईं तो पता चला कि अस्पताल ने बरेली के रहने वाले राम प्रताप का शव रामपुर निवासी नसीर अहमद के परिजनों को सौंप दिया गया।
वहीं नसीर के परिजनों को राम प्रताप का शव सौंप दिया गया। नसीर के परिजनों ने राम प्रताप का शव मुरादाबाद में ही दफन कर दिया। लेकिन बरेली में जब राम प्रताप के परिजन श्मशान घाट पहुंचे तो बेटे ने देखा कि शव उसके पिता का नहीं है।
इसी वक्त अस्पताल का कारनामा उजागर हो गया। जानकारी होने पर परिजनों ने जमकर हंगामा किया। अब पुलिस राम प्रताप के दफन शव को कब्र से बाहर निकालेगी।