मुरादाबाद। विश्व फार्मासिस्ट दिवस पर महिला अस्पताल के सभागार में डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन ने एक कार्यक्रम का आयोजन किया। कार्यक्रम में चिकित्सा क्षेत्र में फार्मासिस्ट की भूमिका पर चर्चा की गई। मुख्य अतिथि सीएमओ डॉ. कुलदीप सिंह ने कहा कि फार्मासिस्ट चिकित्सा क्षेत्र की रीढ़ हैं।
दवा के वितरण के साथ उनकी जिम्मेदारी है कि दवाओं से होने वाले दुष्प्रभाव से भी मरीजों को बचाएं। दवाओं के सीमित व संतुलित इस्तेमाल के लिए मरीजों को जागरूक करें। विशिष्ट अतिथि एसआईसी डॉ. संगीता गुप्ता ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र के अस्पतालों का 24 घंटे संचालन फार्मासिस्ट के बिना संभव नहीं हो सकता। फार्मासिस्ट का दायित्व अन्य कर्मचारियों से ज्यादा है। मरीज को निर्धारित खुराक व दवाई के बारे में जानकारी देना महत्वपूर्ण काम है। संगठन के जिला मंत्री हेमंत चौधरी ने कहा कि फार्मासिस्टों को दवाइयों के दुष्प्रभाव को पहचानने और रिपोर्ट करने की प्रणाली को और भी सुदृढ़ बनाने की आवश्यकता है। उन्होंने दवाओं की सुरक्षा और उचित निगरानी के बारे में भी बताया।
कार्यक्रम का संचालन संगठन के प्रदेश उपाध्यक्ष निश्चल भटनागर और जिला मंत्री हेमंत चौधरी ने किया। अध्यक्षता डीपीए के अध्यक्ष पाकेश गुप्ता ने की। विशिष्ट अतिथि प्रमुख एसआईसी डॉ. संगीता गुप्ता, सीएमएस डॉ. निर्मिला पाठक, डिप्टी सीएमओ डॉ. संजीव बेलवाल, डॉ. राजीव कुमार शर्मा, डॉ. राजेंद्र कुमार, डॉ. रणवीर सिंह, डीपीए संरक्षक शिशुपाल सिंह, जयपाल सिंह, मातृ शिशु परिवार कल्याण संघ की अध्यक्ष लीला सुगड़ा, रीना राही, अतर पाल, अनुराग, अंकुर चौहान आदि मौजूद रहे।