मुरादाबाद। हाईकोर्ट का 30 अप्रैल तक पंचायत चुनाव कराने और 17 मार्च तक आरक्षण की प्रक्रिया पूरी कर लिए जाने के दिए गए आदेश के बाद शासन के निर्देश पर जिले में इसकी तैयारी तेज कर दी गई है। डीपीआरओ राजेश कुमार से लेकर दफ्तर के सभी कर्मचारी शुक्रवार पंचायत चुनाव से संबंधित तैयारियां करने में जुटे रहे। ग्रामीण क्षेत्रों में भी इसको लेकर गहमा-गहमी शुरू हो गई है। जिले में नवगठित 62 ग्राम पंचायतों के लिए पहली बार प्रधान चुने जाएंगे। इनमें सबसे अधिक युवा प्रधान बनने के लिए उत्सुक दिखाई दे रहे हैं, हालांकि इसकी असली तस्वीर आरक्षण व्यवस्था के लागू होने के बाद ही साफ हो सकेगी।
जिले में वर्ष 2015 में जिले के सभी आठ विकास खंड की 588 ग्राम पंचायतों से प्रधान निर्वाचित हुए थे। जबकि 7576 ग्राम पंचायत वार्डों से सदस्य निर्वाचित हुए थे। इसके अलावा 810 क्षेत्र पंचायत सदस्य और 34 जिला पंचायत सदस्य पद के लिए भी चुनाव हुआ था। नये परिसीमन के बाद से इन चारों पदों की संख्या बढ़ गई है। जिसके मुताबिक इस बार 643 ग्राम पंचायत प्रधान, 8411 ग्राम पंचायत वार्ड सदस्य, 972 क्षेत्र पंचायत सदस्य और 39 जिला पंचायत सदस्य पद के लिए चुनाव होने हैं। इन पदों पर किस्मत आजमाने वाले मान रहे थे कि पंचायत चुनाव मई में होंगे, लेकिन हाईकोर्ट द्वारा गुरुवार 30 अप्रैल तक चुनाव संपन्न कराने के दिए गए आदेश के बाद से महकमे से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक में हलचल तेज हो गई है।
शुक्रवार डीपीआरओ राजेश कुमार ने सभी अधीनस्थ कर्मचारियों को पंचायत चुनाव से संबंधित तैयारियां तेज कर देने के निर्देश दिए। वह स्वयं भी देर शाम कार्यालय में बैठ कर पंचायत चुनाव को लेकर की जाने वाली तैयारियों का खाका तैयार करते रहे। ग्रामीण क्षेत्रों में भी चुनाव लड़ने के इच्छुक लोगों ने तैयारियां तेज कर दी हैं। सबसे अधिक जिले में नये परिसीमन के बाद से बढ़ी 62 ग्राम पंचायतों में बढे़ प्रधानों के पदों व पांच जिला पंचायत सदस्यों के बढ़े पदों को लेकर देखी जा रही हैं। इन पदों के लिए युवाओं में अधिक सक्रियता दिखाई दे रही है। वह फिलहाल जनसंपर्क कर लोगों में अपनी पैठ बना रहे हैं। आरक्षण व्यवस्था के लागू होने के बाद ही उनके द्वारा पत्ते पूरी तरह खोले जाने की उम्मीद है।