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प्रमोद कृष्णम: 'जिस धार्मिक स्थल पर आस्था न हो.. वहां न जाएं, केदारनाथ में गैर हिंदुओं का प्रवेश रोकना सही'

Mon, 17 Mar 2025 11:42 AM IST
विमल शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद

सार

पूर्व कांग्रेसी नेता आचार्य प्रमोद कृष्णम ने औरंगजेब की कब्र पर छिड़े विवाद को तालिबानी मानसिकता करार दिया। उन्होंने कांग्रेस को हाशिये पर बताते हुए राहुल गांधी पर निशाना साधा और कहा कि उनकी नीतियों से पार्टी का पतन तय है। 
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प्रमोद कृष्णम - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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औरंगजेब की कब्र पर छिड़े विवाद पर पूर्व कांग्रेसी नेता आचार्य प्रमोद कृष्णम ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि किसी की कब्र खोदने का काम तालिबानियों का है। सनातन धर्म किसी मुर्दे से लड़ना नहीं सिखाता, बल्कि इस धर्म में दुश्मनों को मरने के बाद सम्मान दिया जाता है।

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उन्होंने कहा कि जो लोग कब्र खोदने की बात कह रहे हैं वह उनसे कतई सहमत नहीं हैं। रविवार को शहर पहुंचे पूर्व कांग्रेसी नेता ने अन्य मुद्दों पर भी अपनी राय जाहिर की। वह कांग्रेस और राहुल गांधी पर भी हमलावर नजर आए। उन्होंने कांग्रेस को हाशिये पर बताया। कहा कि कांग्रेस की दुकान बंद होना तय है।

इस दुकान में न तो सौदा बचा है और न ही कोई ग्राहक। इसके जिम्मेदार राहुल गांधी हैं। राहुल गांधी देश को विभाजित करने का काम कर रहे हैं। संजय राउत के लेख से यह साफ हो चुका है। आचार्य प्रमोद ने कहा कि राहुल गांधी को भारतीय संस्कृति, संस्कार और समाज की समझ नहीं है।
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यह बातें देश की जनता समझ चुकी है। इसीलिए कांग्रेस चुनाव दर चुनाव हार का सामना कर रही है। आचार्य प्रमोद ने संभल में पोताई के रंग पर उठे विवाद पर कहा कि भगवा, हरा, लाल, पीला सारे ही रंग भारतीयता के हैं। रंग पर विवाद नहीं होना चाहिए।

संभल में भगवान कल्कि के अवतार से पहले चमत्कार दिख रहा है। आचार्य प्रमोद ने मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड को लेकर कहा कि बोर्ड की स्थापना भारत के मुसलमानों का उत्थान करने के लिए हुई थी, लेकिन अब बोर्ड पाकिस्तान और बांग्लादेश की बातें करने लगा है।

केदारनाथ और महाकुंभ में गैर हिंदुओं के आगमन पर रोक के मुद्दे पर आचार्य प्रमोद ने अपना समर्थन दिया। कहा कि कोई भी धार्मिक स्थल हो, अगर किसी की आस्था नहीं है तो उन्हें वहां नहीं जाना चाहिए। धार्मिक स्थलों पर आस्था के साथ ही जाया जाता है।

अपने राजनीतिक भविष्य के सवाल पर आचार्य प्रमोद ने कहा कि उन्होंने कांग्रेस नहीं छोड़ी थी, बल्कि पार्टी ने उन्हें निष्कासित किया था। अभी वह किसी भी पार्टी में नहीं हैं बल्कि पीएम मोदी के साथ हैं। उनकी प्राथमिकता श्री कल्कि धाम के निर्माण पर है। धाम का काम पूरा हो जाने के बाद वह राजनीतिक भविष्य के बारे में निर्णय लेंगे। 
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