कांठ। बिजली कटौती से क्षेत्र के किसान और उपभोक्ता परेशान हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों को खेतों की सिंचाई करने के लिए भी बिजली नहीं मिल पा रही है। इससे किसानों में रोष पनप रहा है। उन्होंने आपूर्ति में सुधार न होने पर जल्द ही उग्र आंदोलन करने की चेतावनी दी है।
पिछले करीब पंद्रह दिनों से कांठ तहसील मुख्यालय की बिजली आपूर्ति लड़खड़ाई हुई है। ग्रामीण क्षेत्रों के साथ ही नगर क्षेत्रों की बिजली आपूर्ति में भी अघोषित कटौती की जा रही है। कांठ नगर पंचायत क्षेत्र में भी इक्कीस घंटे निर्धारित शेड्यूल में करीब सात घंटे और ग्रामीण क्षेत्रों में 18 घंटे के शेड्यूल में आठ घंटे से भी अधिक की कटौती की जा रही है। इससे किसानों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
मंगलवार को इसे लेकर कांठ तहसील पहुंचे क्षेत्र के गांव शेखूपुरा, देहरी जुम्मन, छज्जानंगला, राणा नंगला, अकबरपुर सिहाली गांवों के किसानों ने उपजिलाधिकारी कांठ जगमोहन गुप्ता को प्रार्थना पत्र देते हुए बिजली की अघोषित कटौती से अवगत कराया। किसानों का कहना था कि सिंचाई नहीं होने से उनकी फसलें सूख रही हैं। किसानों ने कटौती मुक्त बिजली आपूर्ति दिलाने की मांग की है। उपजिलाधिकारी ने इस संबंध में किसानों को आश्वासन दिया है।
इस मौके पर भाकियू के जिला संगठन मंत्री सुशील चौधरी, अरुण देवल, अनिल कुमार, केहर सिंह, दिनेश कुमार, राजपाल सिंह आदि मौजूद रहे।
उमरी कलां व छजलैट में भी बिजली कटौती
कांठ। बिजली कटौती से कांठ के साथ ही नगर पंचायत उमरी कलां के उपभोक्ताओं को भी परेशानी हो रही है। यहां कस्बे में जहां बिजली कटौती से रोजेदारों को परेशानी हो रही है तो वहीं यहां के बाजारों में भी रौनक नहीं है। वहीं दूूसरी ओर छजलैट क्षेत्र में भी बिजली कटौती से किसान अपना कृषि कार्य नहीं कर पा रहे हैं। छजलैट, भीकनपुर, कुचावली, कूरी रवाना, लदावली, बगिया सागर, रम्पुरा आदि तमाम गांवों के ग्रामीण बिजली कटौती से परेशान हैं।